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ममता के करीबी अफसर पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार | Supreme Court Vacate Stay on Arrest of Former Police Commissioner of Kolkata

Posted on: 17 May 2019 11:52 by Surbhi Bhawsar
ममता के करीबी अफसर पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार | Supreme Court Vacate Stay on Arrest of Former Police Commissioner of Kolkata

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले और कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने राजीव क्युमार की गिरफ्तार पर रोक लगाने संबंधी प्रोटेक्शन को वापस ले लिया है। इतना ही नहीं कोर्ट ने राजीव कुमार को अग्रीम जमानत के लिए 7 दिन में हाईकोर्ट का रुख करने के लिए कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि राजीव कुमार सात दिन में हाईकोर्ट का रुख नहीं करते है या उन्हें वहां से अग्रीम जमानत नहीं मिलती है तो सीबीआई उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले जब सीबीआई के अधिकारी राजीव कुमार से पुछ्ताछ के लिए पहुंचे थे तो कोलकाता पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया था।

क्या है पूरा मामला

चिटफंड घोटाला मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजीव कुमार के घर छापा मारा। इसको लेकर ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के खिलाफ हाला बोला था और धरने पर बैठ गई थीं। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और शीर्ष अदालत के आदेश के बाद मामला थोड़ा शांत हो गया था और राजीव कुमार को कमिश्नर पद से हटा दिया गया था।

कौन है राजीव कुमार?

राजीव कुमार 1989 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। मूल रूप से राजीव उत्तर प्रदेश के चंदौसी से है. राजीव कुमार ने एसएम कॉलेज से पढ़ाई की और आईएएस की परीक्षा में सफलता हासिल की। आईपीएस अधिकारी बनने के बाद राजीव पश्चिम बंगाल आ गए और फिलहाल कोलकाता पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात है। उन्हें ममता बनर्जी का करीबी भी मना जाता है।

लग चुका है गड़बड़ी का आरोप

चिटफंड घोटाला मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने 2013 में एसआईटी की टीम गठित की थी। इस टीम का नेतृत्व राजीव कुमार ने ही किया था। बतौर एसआईटी प्रमुख राजीव कुमार ने शारदा के चीफ सुदीप्त सेन गुप्ता और उनके सहयोगी देवयानी को गिरफ्तार किया था. जिनके पास से डायरी मिली थी। राजीव कुमार पर इसी डायरी को गायब करने आरोप लगा है। इसके बाद इस घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।

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