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सुल्तानपुर में बेटे की सीट पर मां का संघर्ष और दोनों के बोल बचन | Lok Sabha Chunav 2019 Sultanpur Constituency Maneka Gandhi in support of her Son Varun Gandhi…

Posted on: 16 May 2019 14:32 by Surbhi Bhawsar
सुल्तानपुर में बेटे की सीट पर मां का संघर्ष और दोनों के बोल बचन | Lok Sabha Chunav 2019 Sultanpur Constituency Maneka Gandhi in support of her Son Varun Gandhi…

देश की सत्ता पर लंबे समय तक काबिज रहने वाले नेहरू-गांधी खानदान की एक और शाखा है मेनका गांधी-वरुण गांधी। ये दोनों भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और फिलवक्त पीलीभीत व सुल्तानपुर से सांसद हैं। मेनका तो मोदी मंत्रिमंडल की सदस्य भी है। इस बार हालात कुछ ऐसे बने कि मां व बेटे अपनी-अपनी सीट बदलकर लड़ रहे हैं। इसकी पहल भी मां यानी मेनका ने ही की। उन्हें लगा कि पीलीभीत में वरुण सुरक्षित रहेंगे और उनका राजनीतिक कैरियर प्रभावित नहीं होगा। वैसे सुल्तानपुर सीट कभी किसी एक पार्टी से बंधी नहीं रही।

अलबत्ता यहां से आठ बार कांग्रेस के उम्मीदवार लोकसभा में पहुंचे है। आजादी के बाद पहली बार 1977 में यहां जनता पार्टी के जुल्फिकारुल्ला ने खाता खोला था। उसके बारह बरस बाद १९८९ में जनता दल के राम सिंह संसद में पहुंचे। 1991 के बाद हुए सात चुनाव में चार बार भारतीय जनता पार्टी, दो बार बहुजन समाज पार्टी औऱ एक बार कांग्रेस भी यहां से जीती है। बीता चुनाव वरुण गांधी ने यहां से उग्र हिंदूवादी चेहरे के रूप में जीता था। तब उनके बयान खासी चर्चा में रहे थे। तमाम अनुकूलताओं के बाद भी उनकी मां को लगा कि वे पीलीभीत जाकर लड़ें।

बहरहाल, वरुण के तीखे बयान आज भी चर्चा में हैं और अब उनकी मां के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। यहां मेनका का मुकाबला सपा-बसपा महागठबंधन के उम्मीदवार और बाहुबली प्रत्याशी सोनू सिंह के साथ है। सोनू पर यादव समाज के एक राजस्व अधिकारी की हत्या का आरोप है, इसलिए यादव समाज उनसे कट रहा है। सोनू के साथ ही उनके भाई मोनू की छवि भी समान ही है और इनसे ठाकुर नेता भी बचते हैं। यानी ठाकुर समाज के वोट जुटाना भी इनके लिए मुश्किल ही है।

इसका फायदा निश्चित तौर पर मेनका गांधी को मिलेगा। इसके अलावा उनके दिवंगत पति संजय गांधी का कार्यक्षेत्र भी सुल्तानपुर रहने से उनके अनेक उम्रदराज मित्र पूरे मनोयोग से उन्हें जीताने में लगे हैं। फिर भी वरुण का मुलायम परिवार के खिलाफ गोबर उठाने वाले करोड़ों की गाड़ियों में चलने वाला बयान और सोनू सिंह जैसों से जूते बंधवाने वाला बयान क्षेत्र कि फिजां में गूंज रहा है, जिसका नुकसान ही मेनका को होगा। वैसे बोल बचन में मेनका भी पीछे नहीं। उनका मुस्लिमों को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। इसी कारण वे चुनाव आयोग का प्रतिबंध भी झेल चुकी है। इसके बाद भी जानना दिलचस्प होंट गा कि राजनीति का ऊंच किस करवट बैठता है। सुल्तानपुर के मतदाताओं के फैसले का इंतजार पूरे देश को रहेगा।

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