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काम के दबाव में अगर कोई व्यक्ति ऑफिस में आत्महत्या करता है तो इसका जिम्मेदार बॉस नहीं होगा SC ने अपने फैसले में कहा

Posted on: 27 Jun 2018 10:46 by Ravindra Singh Rana
काम के दबाव में अगर कोई व्यक्ति ऑफिस में आत्महत्या करता है तो इसका जिम्मेदार बॉस नहीं होगा SC ने अपने फैसले में कहा

सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुधवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा गया है कि काम के दबाव में आकर अगर कोई कर्मचारी आत्महत्या कर लेता है तो उसके लिए जिम्मेदार उसके बॉस या उच्च अधिकारी को नहीं ठहराया जा सकता सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी कर्मचारी को ज्यादा काम देने का मतलब यह नहीं माना जा सकता कि बॉस ने उसका शोषण किया ओर उसे आत्महत्या के प्रति उकसाने के लिए ऐसा कर रहा है।

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यह पूरा मामला महाराष्ट्र में औरंगाबाद के उप निदेशक किशोर पाराशर से संबंधित है किशोर पाराशर ने काम के दबाव में आकर अगस्त 2017 में आत्महत्या कर ली थी इसके बाद उनकी पत्नी ने आत्महत्या दोषी पति के वरिष्ठ अधिकारी को ठहराया था मामले की शिकायत में यह भी कहा गया था कि किशोर पाराशर को अवकाश के दिनों के अलावा घर कर भी ऑफिस का काम करना पड़ता था अधिक काम के तनाव में गुमसुम रहने लगे और किसी से भी बातचीत नहीं करते थे यह भी कहा गया है कि उनका 1 महीने। का वेतन रोक लिया गया था और काम पूरा ना करने की स्थिति में सालाना वेतन वृद्धि नहीं करने की बात भी कही गई थी।

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पत्नी का आरोप था कि इन तमाम दबाव के कारण उनके पति ने आत्महत्या की है इधर जिस अधिकारी पर यह आरोप लगा था उसने मुंबई हाईकोर्ट में अपील की लेकिन वह खारिज हो गई उसके बाद उसने सुप्रीम कोर्ट में अपनी अर्जी दाखिल की जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर जानबूझकर आत्महत्या के लिए कोई माहौल बनाया जाता है तो आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के अंतर्गत मामला चलाया जाना चाहिए और इस मामले में उन्होंने कहा कि इसमें साक्ष का अभाव है।

अथर्व राठौर

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