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कश्मीर के पत्थर, एन के त्रिपाठी की कलम से

Posted on: 04 Jun 2018 10:12 by Ravindra Singh Rana
कश्मीर के पत्थर, एन के त्रिपाठी की कलम से

शुक्रवार 1 जून को श्रीनगर की घनी आबादी वाले क्षेत्र नौहट्टा की जामा मस्जिद से निकल कर नवयुवकों ने साप्ताहिक परम्परानुसार पथराव शुरू कर दिया।उसी समय एक सीआरपीएफ़ की जीप वहाँ से निकली और भीड़ ने उस पर अपना ग़ुस्सा निकालना शुरू कर दिया। जीप पर पत्थरों के अलावा साईकिल तक फेंकी गई। जीप चालक ने घटनास्थल से वाहन निकालने का प्रयास किया जिसमें २ लोग घायल हो गये। तत्काल पूरे पुराने श्रीनगर मे भयंकर पथराव शुरू हो गया।नौहट्टा थाना क्षेत्र मे कर्फ़्यू लगा दिया गया।एक घायल कैसर भट्ट की रात में अस्पताल मे मृत्यु होगयी । इस मृत्यु से हुर्रियत नेताओं की बाँछे खिल गई और आनन फ़ानन में पूरी कश्मीर घाटी मे बन्द की घोषणा कर दी। शनिवार का दिन संघर्ष मे बीता।

वर्ष २००६ के आसपास १७ साल से चल रहे पाक समर्थित आतंकवाद की रीढ़ सुरक्षाबलों ने तोड़ दी थी। पाकिस्तान ने पैंतरा बदला और उसने छिटपुट आतंकवादी वारदातों के साथ घाटी मे बड़े पैमाने पर फ़िलिस्तीनी तर्ज़ पर पथराव की योजना बनाई। उसके इशारे पर हुर्रियत के गिलानी के नेतृत्व मे एक बड़ा तंत्र खड़ा किया गया । लगभग हर वर्ष गर्मियों मे पूरे घाटी मे पथराव की योजना बनाई जाती है और पथराव होता रहता है। पहला बड़ा हिंसक आन्दोलन २००८ मे अमरनाथ विवाद पर हुआ और फिर २००९ मे तथाकथित शोपियाँ कांड पर आन्दोलन चला। २०१० मे घाटी की सर्वाधिक उग्र हिंसा हुई जिसमें १२० लोग फ़ायरिंग मे मारे गये। घाटी के लोगों को भारी क्षति हुई और अगले ६ वर्ष तक अपेक्षाकृत शान्ति रही। २०१६ मे एक स्थानीय पढ़े लिखे लोकप्रिय आतंकवादी बुरहान वानी को मुठभेड़ मे मार गिराया गया जिस पर एक बार फिर पूरी घाटी सुलग उठी। तबसे छिटपुट हिंसा चल रही है।

शेष देश के वे राजनीतिज्ञ जिन्हें ज़मीनी हक़ीक़त की कोई जानकारी नहीं है वे संकीर्ण दलीय राजनैतिक दृष्टि से बयानबाज़ी करते रहते हैं । तथ्य यह है कि कांग्रेस , पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस और बीजेपी सब कश्मीर मे जोरअजमाईश कर चुके हैं और हालात यथावत हैं। पाकिस्तान धर्म के नाम पर कश्मीरियों को भड़काने में काफ़ी सफल रहा है और वहां पर भारत के विरूद्ध एक छद्म युद्ध चला रहा है। उसके ख़ुद के परमाणु हथियार तथा चीन की शह के कारण वह भारत से बिल्लकुल भयभीत नहीं रहता है।एल ओ सी पर फ़ायरिंग , सस्ते पाकिस्तानी ( पंजाबी) आतंकवादी, ख़रीदे हुए धर्मांध हुर्रियत नेता और चन्द पथराव के मैनेजरों के माध्यम से पाकिस्तान लम्बे समय तक यह कश्मीर मे यह ख़ूनी खेल कर सकता है। हमारे सुरक्षा बलों को अनिश्चितकाल तक क़ुर्बानी देने और नेताओं को अपना मुँह बन्द रखने की आवश्यकता है।

एन के त्रिपाठी

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