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बड़े अस्पताल में अब रोज सफाई की बात | Special Attention needs to pay on Cleanliness of MY Hospital…

Posted on: 06 May 2019 16:48 by Surbhi Bhawsar
बड़े अस्पताल में अब रोज सफाई की बात | Special Attention needs to pay on Cleanliness of MY Hospital…

कमिश्नर आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन कक्ष में एमवाय अस्पताल के संबंध में बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर कमिश्नर त्रिपाठी ने कहा कि एमवाय अस्पताल में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। साफ-सफाई के संबंध में मरीजों से रोज फीडबैक लिया जाये। एमवाय अस्पताल एचएलएल प्राइवेट कंपनी द्वारा साफ-सफाई की जा रही हैं। दिन में 3 बार रोज पौछा लगाया जा रहा है, मगर शौचालय और नलों की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन एमवाय अस्पताल का निरीक्षण करें। नल, बिजली, पेयजल, खिड़की, दरवाजे आदि की आवश्यकता अनुसार प्रतिदिन मरम्मत करें और प्रतिदिन किये गये कार्य का रिकार्ड संधारित करें।

उन्होने कहा कि प्रोजेक्ट इम्प्लिमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) द्वारा एमवाय और कैंसर अस्पताल में किये जाने वाले काम शीघ्र शुरू करें और समय-सीमा में पूरा करें और इसी प्रकार ड्रेनेज सिस्टम का काम भी वर्षा से पूर्व पूरा कर लिया जाये। सीवरेज की लाइन और स्टार्म वाटर की लाइन अगल-अलग डाली जाये और उसे एबी रोड के ड्रेनेज सिस्टम से मिलाया जाये। यह काम 15 जून तक पूरा हो जाना चाहिए।

एमवाय आईपीडी में रोज औसतन 400 मरीज होते हैं भर्ती

इस अवसर पर एमवाय अधीक्षक डा. पी.एस. ठाकुर ने बताया कि एमवाय अस्पताल में बाह्य रोगी विभाग में प्रतिदिन औसतन 2 हजार 856 मरीज आ रहे हैं और सालाना करीब 30 हजार मरीज आ रहें हैं। इसी प्रकार एमवाय अस्पताल में प्रति माह लगभग 8 हजार 500 सर्जरी की जा रही है। डाक्टरों की हाजिरी थम्बइम्प्रेशन मशीन से लगाई जा रही है। डाक्टरों का समय सुबह 8:30 बजे से 1:30 बजे तक का है। वर्ष 2019 में पिछले 4 माह में पैथोलॉजी, ब्लड बैंक और माइक्रोबायलॉजी डिपार्टमेंट में 60 हजार से अधिक टेस्ट हुए हैं। इसी प्रकार एमवाय अस्पताल में अंत: रोगी विभाग में औसतन 13 हजार मरीज हर माह इलाज कराने आते हैं। प्रतिदिन लगभग 400 मरीज इलाज कराने के लिए भरती होते है।

एमवाय में स्वाइनफ्लू के लिये अलग वार्ड

उन्होने बताया कि इसी प्रकार एमवाय अस्पताल में स्वाइनफ्लू के इलाज के लिए अगल से वार्ड बनाया गया है। स्वाइनफ्लू वार्ड में पर्याप्त दवाएं और मेडिकल इक्यूप्मेंट उपलब्ध हैं। 24 घंटे डाक्टरों और नर्स की ड्यूटी रहती है। स्वाइनफ्लू के सेम्पल भोपाल में टेस्ट किये जाते हैं। राज्य शासन द्वारा इंदौर में भी एक प्राइवेट प्रयोगशाला को भी चिन्हित किया गया है। बिना जाँच रिपोर्ट के भी स्वाइनफ्लू का इलाज शुरू किया जा सकता है। स्वाइनफ्लू के मरीज प्राय: देर से अस्पताल आते हें।

सामाजिक संस्थाओं को एमवाय अस्पताल में प्रात: 10 बजे से शाम 6 बजे तक काम करने की अनुमति दी जायेगी। परपीड़ाहर वेलफेयर सोसायटी, सेवा भारती सेवा प्रकल्प समिति, सहायता संस्था औरसु सेवा न्यास सोसायटी समिति इंदौर ने मरीजों की सेवा करने की इच्छा जताई है। एमवाय अस्पताल अधीक्षक द्वारा सामाजिक संस्था के तीन-तीन व्यक्तियों को परिचय पत्र जारी किये जायेगे। एमवाय में संविदा पर नर्से और स्टेचर बॉय की नियुक्ति की जायेगी। एमवाय अस्पताल में ओपीडी में 38 प्रकार की और आईपीडी में 183 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं।

सफाई का ठेका एचएलएल कंपनी को

सफाई कम्पनी एचएलएल को चाचा नेहरू अस्पताल, मानसिक चिकित्सालय, एमजीएम मेडिकल कॉलेज, टीवी अस्पताल, नर्सिंग स्कूल और हॉस्टल, एमटीएच हास्पिटल और एमबीबीएस हॉस्टल, कैंसर हास्पिटल, एमवाय अस्पताल का ठेका दिया गया है। लोक निर्माण विभाग के पीआईयू द्वारा एमवाय परिसर में अलग के बर्न यूनिट बनाई जा रही है, जिस पर 6 करोड़ 57 लाख रूपये खर्च होगें। बर्न यूनिट का कार्य शुरू हो गया है।

इस अवसर पर एमजीएम मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. ज्योति बिंदल, डॉ. एडी भटनागर, डॉ. सलिल भार्गव, डॉ. सुनील नारंग आदि मौजूद थे।

 

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