तो इसलिए बेहद खास है 16 जुलाई को आने वाला चंद्रग्रहण, राशियों के साथ मौसम पर भी दिखेगा असर

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chandra grahn

इस साल के 5 ग्रहण में से अब तक 3 ग्रहण का असर पृथ्वी देख चुकी है। अब बस 2 ही ग्रहण बाकि है। साल का चैथा ग्रहण 16 और 17 जुलाई को पड़ने वाला है माना जा रहा है कि यह ग्रहण बेहद खास है। इस ग्रहण के खास होने की वजह यह भी बताई जा रही है कि इस दिन पूर्णिमा है और हिन्दू शास्त्रों के मुताबिक अमावस्या और पूर्णिमा पर आने वाले ग्रहण बेहद खास होते है।

वैज्ञानिक नजरिए से देखा जाए तो भी यह ग्रहण पूर्णिमा पर आने कारण ज्यादा ही खास माना जा रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अमावस्या और पूर्णिमा पर आने वाले ग्रहण से बहुत ही सुंदर घटनाओं को देखने का मौका मिलता है साथ ही ऐसे में सबसे ज्यादा सुंदर नजारा देखने को मिलता है।

सूतक का समय

बता दे कि 16 और 17 जुलाई को पड़ने वाले इस चंद्र ग्रहण की अवधि 2 घंटे 59 मिनट तक रहेगी। यह चंद्रग्रहण 16-17 जुलाई की रात 1ः31 बजे प्रारंभ होकर तड़के 4.30 बजे तक रहेगा। चन्द्र ग्रहण में ग्रहण अवधि के शुरू होने से 9 घंटे पहले ही सूतक लग जाएगा। इस चंद्रग्रहण को भारत में भी देखा जाएगा। यह ग्रहण खण्डग्रास चंद्रग्रहण होगा।

दूसरी बार होगा लगातार गुरु पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण

इस चंद्र ग्रहण के बेहद खास होने की वजह पूर्णिमा पर ग्रहण का होना है। लगातार दूसरी बार यह गुरु पूर्णिमा पर पड़ रहा है। इससे पहले 27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर ही खग्रास चंद्रग्रहण था। इससे पहले गुरु पूर्णिमा पर पड़ने वाले ग्रहण की अवधि 3 घंटे 51 मिनट थी जबकि इस बार ग्रहण की अवधि 2ः59 मिनट रहेगी। ऐसे में पूजा और कार्यक्रम के मुहूर्त भी सूतक समय से पहले ही संपन्न होंगे।

मौसम और राशि पर भी पड़ेगा असर

शास्त्रों के बताए गए पंचाग के मुताबिक आषाढ़ी पूर्णिमा पर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, वैधृति योग, विशिष्ट करण और ग्रहण अवधि में चंद्रमा धनु राशि में रहेगा इसके अलावा शनि व केतु पहले से ही धनु राशि में विराजमान हैं। चंद्रमा की इस स्थिति के होने से त्रिग्रही युति बनती है जिससे मौसम में तेजी से बदलाव दिखाई देगा।

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