दुखी कलाकार बोले- हमने अपील ही तो की थी, कोई बम तो नहीं फेंका…

पत्र में मुसलमानों, दलितों और दूसरे अल्पसंख्यकों के साथ हो रही मारपीट रोकने का जिक्र था। कहा गया था कि बिना असंतोष के लोकतंत्र नहीं होता है। 'जय श्री राम' की पूजा होती है, लेकिन हमारे यहां भड़काऊ नारा बन गया है।

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Shyam Benegal

नई दिल्ली। लेखकों और कलाकारों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद हंगामा बढ़ रहा है। फिल्मकार श्याम बेनेगल का कहना है कि यहां कोई केस ही नहीं बनता। भीड़ की हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री से फिक्र जाहिर की थी, कोई बम तो नहीं फेंका था। ऐसे कार्रवाई हुई है, जैसे कलाकारों ने देश का बड़ा नुकसान कर दिया हो। वैसे तो शिकायत का भी हक है, लेकिन हमने तो महज गुजारिश की थी।

पत्र में मुसलमानों, दलितों और दूसरे अल्पसंख्यकों के साथ हो रही मारपीट रोकने का जिक्र था। कहा गया था कि बिना असंतोष के लोकतंत्र नहीं होता है। ‘जय श्री राम’ की पूजा होती है, लेकिन हमारे यहां भड़काऊ नारा बन गया है। फिल्मकार गोपालकृष्णन ने कहा कि मुझे तो अब तक यकीन ही नहीं हो रहा है कि किसी चिट्ठी पर भी कार्रवाई हो सकती है। अब अगर हममें से कोई दूसरे देशों में होने वाली तानाशाही से इसकी तुलना करेगा तो हमें देश से निकालने की बात होने लगेगी। इस कार्रवाई के खिलाफ स्वरा भास्कर, दीया मिर्जा सहित दूसरे बॉलीवुड कलाकारों ने भी ट्विटर, फेसबुक पर लिखा है।

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