Breaking News

नेताओं का सरकारी बंगले से मोह, वरिष्ठ पत्रकार अशोक वानखेड़े की टिप्पणी

Posted on: 31 May 2018 09:27 by krishna chandrawat
नेताओं का सरकारी बंगले से मोह, वरिष्ठ पत्रकार अशोक वानखेड़े की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी हमारे देश के नेताओं से सरकारी बंगलों का मोह छूट नहीं रहा है। हमारे देश के कई पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी बंगलों में कुंडली मारकर बैठे है।

आपको बता दे कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार देश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को 1 जून से पहले सरकारी बंगला खाली करना जरुरी है।

लेकिन उत्तर प्रदेश के नेताओं को कोर्ट का यह आदेश रास नहीं आ रहा है। जिसके चलते यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह ने कोर्ट से गुहार लगाई की उनकी तबियत ठीक नहीं रहती है, उन्हें दो साल की मोहलत दी जाए।

वहीँ उनके पुत्र अखिलेश यादव ने भी बच्चों की पढाई का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से 2 साल का समय मांगा है। जबकि दोनों पिता पुत्र के पास करोड़ो के बंगले है।

इसके अलावा पूर्व सीएम मायावती ने सरकारी बंगले को काशीराम की स्मृति से जोड़ दिया और बंगला खाली नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस आदेश के पहले ही बंगला खाली कर दिया है।

खुद के बंगले होने के बाद भी सरकारी बंगले का महत्व क्यों? आखिर कब हमारे देश के नेता जनता पर बोझ बनना बंद करेंगे? क्या शीर्ष कोर्ट अपने आदेश पर टिका रहेगा? इन सवालों के जवाब जानने के लिए देखिए वरिष्ठ पत्रकार अशोक वानखेड़े की टिप्पणी।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com