अध्यक्ष बनाने के लिए दूसरे तरीके से दबाव बनाया सिंधिया ने

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इंदौर, राजेश राठौर। ज्योति सिंधिया की केंद्र की राजनीति में अब कोई रुचि नहीं है, वह हर हालत में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने अपने मंत्रियों के जरिए कमलनाथ को आंख दिखाने की कोशिश की है।

सिंधिया का रास्ता रोकने में दिग्विजय सिंह के साथ कमलनाथ भी लगे हुए हैं। अभी भी सिंधिया को भरोसा है कि राहुल और प्रियंका गांधी के भरोसे वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बन जाएंगे। दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के साथ-साथ सुरेश पचोरी भी सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के खिलाफ है। सिंधिया ने प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू कर दी। इसीलिए अपने मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के जरिए कल कैबिनेट की बैठक में सीधे कमलनाथ पर हल्ला बोल दिया।

केबिनेट बैठक में जिस तरीके से मंत्री तोमर को कहा कि मुझे पता है कि तुम किसके इशारे पर इतना बोल रहे हो। कमलनाथ भी कमजोर खिलाड़ी नहीं है वह भी किसी कीमत पर अब सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनने देंगे। सिंधिया गुट के मंत्रियों को ठिकाने लगाने के लिए उनके विभागों में ऐसे अफसरों को बिठाया जाएगा। जो मंत्रियों के सिर्फ नियम कायदे के काम होने देंगे। कोई भी काम में अतिरिक्त मदद जैसा काम नहीं होने दिया जाएगा।

कमलनाथ के बारे में कहा जाता है कि वह दोस्ती और दुश्मनी बराबरी से निभाते हैं। कमलनाथ गुट से खबर आ रही है कि वह इस मामले को लेकर दिल्ली हाईकमान से भी बात करेंगे। हालांकि अभी उनकी सोनिया गांधी से मुलाकात होना बाकी है। कमलनाथ के बारे में बहुत कम लोगों को यह जानकारी होगी की प्रियंका गांधी से उनकी लगातार बातचीत होती है। अभी राहुल गांधी को सिंधिया ने अपने पक्ष में कर रखा है। यही कारण है कि सिंधिया, प्रियंका से ज्यादा राहुल के भरोसे प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहते हैं।

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