विद्यादान कार्यकर्ताओं ने अभी तक किया लगभग 3 करोड़ रूपये का श्रमदान

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इंदौर: कमिश्नर श्री संजय दुबे की अध्यक्षता में विद्यादान योजना के तहत कार्यकर्ताओं से उनकी समस्याओं के संबंध में बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर कमिश्नर श्री संजय दुबे ने कहा कि यह योजना वर्ष 2015-16 से चल रही हैं। इस योजना में अभी तक ढाई हजार कार्यकर्ताओं ने अपनी पंजीयन कराकर सेवाएं दी है। वर्ष 2017-18 में 512 स्वयंसेवक पढ़ा रहे है। इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति शिक्षा सत्र 2018-19 के लिए पंजीयन करा सकता है। पंजीयन की वेबसाइट www.vidhyadaan.com है।

श्री दुबे ने कार्यकर्ताओं से बताया कि स्वयंसेवकों को इंदौर जिले के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में प्रति सप्ताह 2 घण्टे पढ़ाना है। इसके लिए आॅनलाइन पंजीयन कराना जरूरी है। कम से कम 6 महीने तक कार्यकर्ता को पढ़ाना होगा। पढ़ाते समय कक्षा में संबंधित विषय का शिक्षक भी मौजूद रहेगा। स्वयंसेवकों को पुस्तकें कमिश्नर कार्यालय से प्रदाय की जायेंगी। कोई भी कार्यकर्ता अपने घर के नजदीक किसी भी स्कूल और किसी भी विषय के लिए पंजीयन करा सकता है।

पाठ्यक्रम पूरा करने का दायित्व संबंधित स्कूल के शासकीय शिक्षक का होगा। योजना एक समाज सेवा है और आत्म-संतुष्टि के लिए काम करना है। यह योजना पूरे इंदौर संभाग में लागू है। यह योजना पूरी तरह स्वैच्छिक और पेपरलेस है। किसी भी तकनीकी समस्या के लिए कम्प्यूटर आॅपरेटर श्री धीरेन्द्र शर्मा के मोबाइल नंबर 9926013800 पर संपर्क किया जा सकता है। इस विषय पर भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर में सुश्री देवयानी मौर्य द्वारा पीएचडी भी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्कूल में प्रत्येक माह अमावस्या के दिन पालक-शिक्षक संघ की बैठक आयोजित किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जागृत कराना हमारा उद्देश्य है। कोई भी कार्यकर्ता एक से अधिक विषय और एक से अधिक स्कूल में पढ़ा सकता है। अभी तक 2 हजार 500 कार्यकर्ताओं द्वारा 200 रूपये प्रति घण्टा के मान से लगभग 3 करोड़ रूपये का श्रमदान किया जा चुका है।

इस अवसर पर संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा श्री जे के शर्मा ने कहा कि इंदौर जिले में प्रत्येक शासकीय विद्यालय को रंगाई-पुताई एवं मरम्मत के लिए प्रति वर्ष 7 हजार रूपये दिये जाते हैं। युवा वर्ग समाज का वर्तमान भी है और भविष्य भी। युवा वर्ग को इस योजना के तहत अपना अधिकाधिक योगदान देना चाहिये। उन्होंने कहा कि शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी विषय पर विशेष जोर दिये जाना जरूरी है। इस अवसर पर विद्यादान कार्यकर्ताओं ने भी पढ़ाने में आने वाली बाधाओं के संबंध में जानकारी दी और परस्पर अनुभव आदान-प्रदान किये।

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