यूएस बोला, चीन मसूद को ऐसे ही बचाता रहा तो लेंगे एक्शन Say US, If China keeps saving Masood like this, it will take action

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पाकिस्तानी आतंकी मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में अड़ंगा डालने वाले चीन को अमेरिका ने चेताया है। संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति की बैठक में चीन ने अपने वीटो पावर का उपयोग कर भारत की कोशिशों को नाकाम कर दिया है। इसके बाद भारत ने आपत्ति दर्ज करवाई है, जिसका अमेरिका ने भी साथ दिया है। अमेरिका के यूएनएससी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चीन ऐसे लगातार मसूद की ढाल बनकर आगे आता रहा, तो जिम्मेदार देशों को कोई कठोर कदम उठाना पड़ेगा।

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अमेरिका ने बयान जारी कर कहा कि संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति में चीन ने वीटो का इस्तेमाल कर आतंकी मौलाना मसूद अजहर को चैथी बार बचाया है। इस कारण आतंकी मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित नहीं कर पा रहे हैं। अमेरिका का कहना है कि सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हुए अमेरिका ने कहा कि अगर इसी तरह चीन मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाता रहा तो सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्यों को सख्त रुख अपनाना पड़ेगा।

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चीन ने चौथी बार डाला अड़ंगा, फिर बच निकला आतंकी मसूद

पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने में चीन ने एक बार फिर रूकावट डाल दी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘‘1267 अल कायदा सैंक्शन्स कमेटी’’ के तहत अजहर को आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव 27 फरवरी को फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने लाया था। प्रस्ताव आने के 10 दिन में आपत्ति मांगी गई थी।

इस पर चीन ने आपत्ति जताते हुए भारत से आतंकी मसूद के खिलाफ सबूत देने की मांग कर दी, बल्कि प्रस्ताव की पड़ताल करने के लिए समय भी मांग लिया। इससे यह मामला करीब 6 महीने तक खींचा गया है। गौरतलब है कि 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने का यह चौथा प्रस्ताव था।

अमेरिका बोला, मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करो

इससे पहले पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इसके बाद आतंकी सरगना मसूद अजहर पर शिकंजा कसने के लिए भारत ने कूटनीतिक दबाव बनाया। इसका असर भी दिखाई दिया। 13 मार्च को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति की बैठक होने वाली है, जिसमें आतंकी मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित किया जा सकता है।

इससे पहले चीन ने भारत से आतंकी मसूद के खिलाफ सबूत देने की मांग कर डाली। हालांकि आतंक के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का अमेरिका ने समर्थन किया है। अमेरिका ने भारत का साथ देते हुए सुरक्षा परिषद से कहा कि आतंकी मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाए। अमेरिका का कहना है कि आतंकी मसूद अजहर का खुलेआम घूमना भारतीय उपमहाद्वीप की शांति के लिए खतरा है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता के कहना है कि अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हैं कि क्षेत्र में शांति स्थापित होनी चाहिए। अगर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर बैन नहीं लगता है कि शांति का मिशन फेल हो सकता है।

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