Sage University के छात्र पुलिस कार्यप्रणाली से हुए रूबरू, पुलिस की हेल्पलाइन के बारे में दी विस्तार से जानकारी

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इंदौर। पुलिस व जनता में बेहतर समन्वय एवं लोगों में सामाजिक जागरूकता लाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर हरिनारायणचारी मिश्र एवं अति. पुलिस आयुक्त (का./व्य.) इंदौर मनीष कपूरिया व अति. पुलिस आयुक्त (अप./मुख्या.) राजेश हिंगणकर के निर्देशन में इंदौर पुलिस द्वारा समय-समय पर विभिन्न स्कूल व कॉलेज, संस्थानों, कॉलोनियों/बस्तियों आदि में लोगों के बीच जाकर स्टूडेंट्स व बच्चों एवं आम नागरिकों को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सामान्य जानकारी व सामाजिक बातों के प्रति जागरूक करने के लिये नित नए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सेज यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के बीएससी फॉरेंसिक साइंस के छात्र-छात्राओं को पुलिस कंट्रोल रूम इंदौर का भ्रमण कराया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशा निर्देशन में पुलिस उपायुक्त (आसूचना/ सुरक्षा) श्री रजत सकलेचा के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस आयुक्त श्री सुभाष सिंह व कंट्रोल रूम के अन्य पुलिस अधिकारियेां ने राष्ट्रिय स्तर साइबर एक्सपेर्ट प्रो. गौरव रावल के नेतृत्व मे सभी छात्र- छात्राओं को पलासिया चौराहे स्थित नये पुलिस कंट्रोल रूम का भ्रमण करवाया गया और स्टूडेंट्स को पुलिस कमिश्नरेट की कार्यप्रणाली के बारें में बताते हुए, डायल-100, सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम, 112-इमरजेंसी एप्लिकेशन और पुलिस की हेल्पलाइन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई और शाखाओं का भ्रमण कराया गया।

स्टूडेंट्स ने, सहायक उप निरीक्षक अभिलाष सिंह के साथ सेंट्रलाइस सीसीटीवी निगरानी प्रणाली से परिचित होने के लिए सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और शहर के विभिन्न बिंदुओं पर लगाए गए सभी सीसीटीवी कैमरा स्थानों और इसकी निगरानी प्रणाली के पीछे की तकनीकों के बारे मे जाना।

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कंट्रोल रूम इंचार्ज, एसीपी सुभाष सिंह ने अपने संवाद सत्र में छात्रों को बताया इंदौर में डायल- 100 के द्वारा आप घर बैठे FIR भी लिखवा सकते है, इसके साथ ही डायल- 100 की नई व्यवस्था ने अब सभी प्रकार की आपात स्थितियों के अपराधो को रिपोर्ट करने पर आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। वाहन चोरी और दुर्घटना होने पर संबन्धित थाने मे लिखित आवेदन देकर जांच अधिकारी के साथ आकर कंट्रोल मे सीसीटीवी सर्विलेंस सेवा केंद्र मे CCTV रिकॉर्डिंग भी देख सकते हैं।

साइबर एक्सपर्ट व ट्रेनर प्रो. गौरव रावल ने बताया की छात्र व छात्राएँ अपने साथ हुई कोई भी ऑनलाइन दुर्व्यवहार व साइबर ठगी की शिकायत स्थानीय पुलिस, क्राइम ब्रांच, साइबर पुलिस स्टेशन के माध्यम से या ऑनलाइन साइबर हेल्पलाइन पोर्टल www.cybercrime.gov.in के द्वारा गुप्त रूप से भी दर्ज करा सकते हैं।

फोरेंसिक साइन्स विभाग की और से प्रो. पिंकी निषाद और प्रो. अनामिका शर्मा ने पुलिस विभाग का अभिवादन किया गया।
प्रो. गौरव रावल ने पुलिस की कार्यप्रणाली से इतने रोचक ढंग से अवगत कराने के इस सफल दौरे के लिए, इंदौर पुलिस का आभार व्यक्त किया गया।