जो करते थे ताई की परिक्रमा वही ताई के टिकट के दावेदार हो गए सत्तन गुरु ने कहा

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अर्जुन राठौर

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व राज्य मंत्री और देश के जाने माने कवि सत्यनारायण सत्तन का कहना है की जो नेता ताई की परिक्रमा करते थे आज वही उनके टिकट के दावेदार हो गए हैं राजनीति की यह हालत हो गई है

उन्होंने कहा कि मैं कोरे कागज पर सत्य लिखता हूं मुझे राजनीति ने डुबाया और मेरे साथ छल भी किया ताई के टिकट को लेकर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की जो घोषणा की थी वह लंबे समय से चल रहा घुटन और संत्रास का लावा था जो व्यक्त हो गया

उन्होंने कहा कि सच बोलने के कारण मुझे झाड़ कर अलग कर दिया गया श्री सत्यनारायण सत्तन ने कहा कि उन्होंने 1956 57 से कवि सम्मेलन पढ़ना शुरू कर दिए थे सबसे पहला पारिश्रमिक ₹5 का मिला था उसके बाद तो सिलसिला चल पड़ा उन्होंने कहा कि कविता को आजकल मजाक बना दिया गया है कविता एक साधना है उन्होंने यह भी कहा कि रामचरितमानस जैसे ग्रंथ दूसरा कोई नहीं काव्य की प्रेरणा उन्हें यहीं से मिलती है उन्होंने कहा कि विनय पत्रिका गूढ़ ग्रंथ है और कविता को जीने की कला तुलसी से ही उन्होंने सीखी है

आज इंदौर राइटर्स क्लब के कार्यक्रम में पधारे श्री सत्यनारायण सत्तन ने अपनी जोरदार कविताएं भी सुनाई

आज के इस कार्यक्रम में श्री सरोज कुमार राजकुमार कुंभज जवाहर चौधरी अश्विन जोशी सुभाष खंडेलवाल डॉ स्वरूप बाजपेई तारीक शाहीन डॉ सुरेंद्र यादव अशोक देवले जी चंद्रशेखर बिरथरे राजेंद्र सिंह चौहान अर्जुन राठौर शैलेश वाणी प्रद्युम्न पालीवाल लकी सोनगिरा आदि मौजूद थे ।

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