Breaking News

मोदी की लहर और दबदबा हुड्डा कुनबे का | Rohtak Seat is getting in headlines for Lok Sabha Elections 2019

Posted on: 08 May 2019 16:45 by Surbhi Bhawsar
मोदी की लहर और दबदबा हुड्डा कुनबे का | Rohtak Seat is getting in headlines for Lok Sabha Elections 2019

हरित प्रदेश यानी हरियाणा को देश का सबसे ज्यादा राजनीतिक उठापटक वाला राज्य कहा जा सकता है। आयाराम-गयाराम के नाम से दलबदल की मिसाल इसी प्रदेश में बनी तो यहां के तीन लाल देवीलाल, बंशीलाल और भजनलाल यहां से लेकर दिल्ली की राजनीति तक मरते दम तक दबदबा बनाए रखे। देवीलाल की पहचान गैरकांग्रेसी किंगमेकर की रही तो भजनलाल कांग्रेस नेतृत्व के प्रिय रहे। बंशीलाल तो संजय गांधी की कोर टीम में भी थे। यह तो हुई बीते जमाने की बातें।

लोकसभा चुनाव के दौर में यहां की रोहतक सीट सुर्खियां बटोर रही है। यहां हुड्डा परिवार का दबदबा रहा है तो मोदी लहर भी परवान चढ़ रही है। जाट बहुल इलाका होने के कारण इसे जाटलैंड भी कहा जाता है। कांग्रेस ने सोलहवीं लोकसभा में यहीं से जुने गए दीपेंद्र हुड्डा को फिर मैदान में उतारा है तो मोदी लहर पर सवार होकर भारतीय जनता पार्टी के अरविंद शर्मा लोकसभा में पहुंचना चाहते हैं। शर्मा भी दो बार सांसद रह चुके हैं।

हुड्डा को अपने पिता भूपेंद्रसिहं के मुख्यमंत्री रहते कराए गए कामों पर भी भरोसा है। इस क्षेत्र की राजनीतिक कुंडली में अनेक स्थानों पर हुड्डा ही लिखा है। हुड्डा परिवार से ही नौ बार यहां से कोई न कोई सांसद बना। पहला औऱ दूसरा संसदीय चुनाव इसी परिवार के रणबीर हुड्डा ने 1951 और 57 में जीता था। अक्टूबर २०१४ से पहले तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे कांग्रेसी दिग्गज 1991, 1996, 1998, 1998 और 20 04 में भूपेंद्रसिंह हुड्डा यहां से लोकसभा के लिए चुने गए। वहीं उनके पुत्र और मौजदा उम्मीदवार दीपेंद्र हुड्डा 2005, 09 और 14 में यहां से चुने गए। कुल मिलाकर 11 बार कांग्रेसी नेता यहां से निर्वाचित हए।

रोहतक सीट के राजनीतिक मिजाज की बात करें तो अक्टूबर 14 में राज्य में भले ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी हो, रोहतक लोकसभा क्षेत्र की नौ विधानसभा सीटों में से पांच पर कांग्रेस जीत और बकाया चार भाजपा के हिस्से में आई। इस बार कांग्रेस और भाजपा के अलावा जननायक जनता पार्टी-आप गठबंधन ने छात्र नेता प्रदीप देशवाल और इंडियन नेशनल लोकदल से धर्मवीर फौजी प्रत्याशी हैं। वहीं बीएसपी-एलएसपी गठबंधन ने किशन सिंह पांचाल को मौका दिया है। जीत की बाजी किसके हाथ में आएगी इसका फैसला तो मई के चौथे सप्ताह में ही हो पाएगा। फिलवक्त तो चुनाव अभियान जोरों पर चल रहा है।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com