गरीबी से उभर कुछ इस तरह 21 साल की उम्र में आईएएस बना ये युवक

अंसार के इस सपने को पूरा करने के लिए परिवार को बहुत संघर्ष करने पड़े। यूपीएससी की तैयारी करने के लिए अंसार ने एक निजी कोचिंग क्लास ज्वॉइन की थी जिसके लिए उनके परिवार को काफी पैसे भी खर्च करने पड़ते थे। सिविल सर्विसेस की तैयारी के दौरान कई बार उनके परिवार वालों को भूखे ही सोना पड़ जाता था।

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नई दिल्ली। अपनी काबिलियत के दम पर हर व्यक्ति बुरी से बुरी परिस्थिति में भी अपने सपनों को पूरा कर सकता है। इस बात को बिहार के रहने वाले एक युवक ने सच कर दिखाया है। एक ऑटो ड्राइवर के परिवार में जन्मे इस युवक ने महज 21 साल की उम्र में एक ही बार में यूपीएससी की परीक्षा पास की है।

हम बात कर रहे है, बिहार के अंसार अहमद शेख की जिनके पिता यूनुस शेख ऑटो ड्राइवर है, और आईएएस बन अंसार ने अपने पिता का सर गर्व से ऊंचा कर दिया। आईएएस बनने की प्रेरणा अंसार को अपने शिक्षक राहुल पांडव से मिली और अपने शिक्षक के मार्गदर्शन में अंसार ने अपना सपना पूरा किया। हालांकि अंसार के इस सपने को पूरा करने के लिए परिवार को बहुत संघर्ष करने पड़े। यूपीएससी की तैयारी करने के लिए अंसार ने एक निजी कोचिंग क्लास ज्वॉइन की थी जिसके लिए उनके परिवार को काफी पैसे भी खर्च करने पड़ते थे। सिविल सर्विसेस की तैयारी के दौरान कई बार उनके परिवार वालों को भूखे ही सोना पड़ जाता था। अंसार शेख पढ़ाई में काफी अच्छे थे और उन्होंने अपने एसएससी बोर्ड की परीक्षा में 91 फीसदी अंक हांसिल किए थे। फिर उन्होंने पुणे के फर्गुसन कॉलेज से राजनीति विज्ञान में डिग्री पूरी की। यूपीएससी की परीक्षा में अंसार ने 361वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार के संघर्ष भरे दिनों को बदल दिया और यूपीएससी पास कर आईएएस ऑफिसर बन भारत सरकार में अपनी सेवाएं दे रहे है।

अंसार की कहानी उन लोगो के लिए प्रेरणादायी है, जो परिस्थितियों से घबरा कर अपने सपनों को छोड़ देते है। अंसार उन्हें सीख देते है कि गरीबी की दीवार को अपनी मेहनत से सपनों को पूरा कर तोड़ा जा सकता है।

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