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4 साल के बाद रिजर्व बैंक ने दरें बढ़ाई, महंगे होंगे हाउस और व्हीकल लोन

Posted on: 06 Jun 2018 11:37 by Surbhi Bhawsar
4 साल के बाद रिजर्व बैंक ने दरें बढ़ाई, महंगे होंगे हाउस और व्हीकल लोन

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक समीक्षा में रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में 0.25-0.25 प्रतिशत की बढ़तोरी की है। इससे बैंकों की लागत बढ़ेगी और लोन महंगे होंगे, जिसका अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ेगा। बता दें कि इससे पहले आरबीआई ने 2014 में रेपो और रिवर्स रेपो रेट बढ़ाई थी।rbi

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन से जारी बैठक आज खत्म हुई। इस बैठक के बाद आरबीआई ने रेपो रेट 0.25 बेसिस प्वाइंट से बढ़ा दिया है. अब यह 6.25 प्रतिशत हो गया है। अब यह तय है कि इससे सभी लोन महंगे हो जाएंगे। अर्थव्यवस्था में लोन महंगे होने का कुछ असर पड़ेगा. जनवरी 2014 के बाद पहली बार आरबीआई ने यह किया है.rbi

यानी पिछले चार में पहली बार आरबीआई ने ब्याज दरें बढ़ाई हैं. मीडिया को जानकारी देते हुए आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा, रिजर्व बैंक ने नीतिगत दर (रेपो दर) 0.25 प्रतिशत बढक़र 6.25 प्रतिशत किया है. आरबीआई ने 2018-19 की पहली छमाही के लिये खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को संशोधित कर 4.8-4.9 प्रतिशत तथा दूसरी छमाही के लिये 4.7 प्रतिशत किया. रिजर्व बैंक ने 2018-19 के लिये जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 7.4 प्रतिशत पर बरकरार रखा.

पहली बार तीन दिन चली मौद्रिक नीति समिति की बैठक-

एमपीसी की बैठक चार जून से जारी थी, जो आज समाप्त हुई. रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा था, एमपीसी की 2018-19 की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के लिये 4-6 जून को बैठक होगी. बता दें कि यह पहला मौका है जब प्रशासनिक जरूरतों के कारण मौद्रिक नीति समिति की बैठक तीन दिन चली. सामान्य स्थिति में समिति मौद्रिक नीति की घोषणा से पहले दो महीने में दो दिन के लिये बैठक होती थी. उल्लेखनीय है कि पहली मौद्रिक नीति समिति की पहली बैठक 4-5 अप्रैल को हुई थी और मुद्रास्फीति की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए ब्याज दरों पर यथास्थिति बनाए रखने का फैसला किया गया था.

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