RBI के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने दिया इस्तीफा: रिपोर्ट

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नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंकको फिर बड़ा झटका लगा है। उर्जित पटेल के बाद बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सात महीने के अंदर ये दूसरी बार है जब RBI के किसी उच्च अधिकारी ने कार्यकाल ख़त्म होने से पहले ही अपना पद छोड़ दिया हो।

खबर है कि विरल आचार्य ने अपना कार्यकाल ख़त्म होने से 6 महीने पहले ही इस्तीफा दे दिया है। 23 जनवरी 2017 को विरल को रिज़र्व बैंक में शामिल किया गया था। विरल को तीन साल के कार्यकाल के लिए RBI में शामिल किया गया था। हालांकि, अभी उनके इस्तीफे के पीछे की वजहों का पता नहीं लग पाया है।

अलग थे विरल आचार्य के विचार

बताया जा रहा है कि आरबीआई के नए गवर्नर शक्‍तिकांत दास के फैसलों से विरल आचार्य विचार अलग रख रहे थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछली दो मॉनीटरिंग पॉलिसी की बैठक में महंगाई दर और ग्रोथ रेट के मुद्दों पर विरल आचार्य के विचार अलग थे। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो मॉनीटरिंग पॉलिसी बैठक के दौरान राजकोषीय घाटे को लेकर भी विरल आचार्य ने सहमती नहीं जताई थी।

उर्जित पटेल दे चुके है इस्तीफा

इससे पहले आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल भी निजी कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा दे चुके है। कहा जा रहा था कि उर्जित पटेल ने सरकार के साथ चल रहे मतभेदों के चलते कर्र्य्काल पूरा होने से नौं महीने पहले इस्तीफा दे दिया था।

कौन हैं विरल आचार्य

आईआईटी मुंबई के छात्र रहे आचार्य ने 1995 में कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में स्नातक और न्यूयार्क विश्वविद्यालय से 2001 में वित्त में पीएचडी की है। साल 2001 से 2008 तक आचार्य लंदन बिजनेस स्कूल में रहे।

तीसरा बड़ा इस्‍तीफा

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उर्जित पटेल का इस्तीफा सरकार के लिए तीसरा बड़ा झटका था। इससे पहले अरविंद सुब्रमण्यम ने जुलाई 2018 में व्यक्तिगत कारणों से मुख्य आर्थिक सलाहकार पद से इस्तीफा दे दिया था. वहीं अगस्‍त 2017 में नीति आयोग के उपाध्यक्ष रहे अरविंद पनगढ़िया ने अपना पद छोड़ दिया।

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