रमेश मेंदोला बोले, 1 दिन का नोटिस देकर गरीबों को बेघर करना सबसे बड़ा अन्याय

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ramesh mendola

विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा निगम अधिकारी के साथ मारपीट करने के मामले में विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि जिस महिला के घर में घुसकर निगम कर्मचारियों ने तोड़फोड़ की, उसके आवेदन पर प्रशासन ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि इस रिमूवल की कार्रवाई के दौरान मात्र 1 दिन का नोटिस देकर गरीब परिवारों को जबरदस्ती बलपूर्वक खदेड़ा जा रहा था। क्षेत्र क्रमांक 3 के विधायक आकाश विजयवर्गीय ने निगम अधिकारियों से विनम्रता पूर्वक बरसात के मौसम में बेघर गरीबों को 15 दिन का समय देने का आग्रह किया था।

स्थानीय रहवासियों ने भी गरीब परिवार के लिए मोहलत मांगी थी। बलपूर्वक मकान से खरीदी जा रही गरीब महिला अर्चना श्रीवंश को किस प्रकार पुलिस प्रशासन द्वारा डरा धमका जा रहा है, वह भी घोर निंदनीय है। बिना किसी महिला अधिकारी पुलिसकर्मी या महिला निगम अधिकारियों की उपस्थिति के बिना गरीब महिला के घर में घुसकर जिस प्रकार मारपीट व झूमा जट्ट की की गई उनके आवेदन पर पुलिस कब कार्रवाई करेगी।

विधायक आकाश विजयवर्गी के साथ हुए दुव्र्यवहार पर प्रशासन का रवैया पक्षपातपूर्ण और निंदनीय रहा है। इस दौरान बलपूर्वक निगम अधिकारियों ने मनमानी करते हुए जब गरीबों के घरों पर हमला किया। जब विधायक आकाश विजयवर्गीय ने उसे विनम्रता पूर्वक रोकने के कई प्रयास किए। इस दौरान निगम कर्मचारियों के दुव्र्यवहार के चलते तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई।

इस प्रकार के घटनाक्रम से बचने के लिए सभी पक्षों गरीब परिवारों के मौलिक अधिकारों और क्षेत्रीय जनता की भावना को समझ कर ही आगे कार्रवाई करनी चाहिए। निगम कर्मचारियों के मनमाने और तानाशाही पूर्वक व्यवहार की घोर निंदा की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के कई आदेशों के तहत इस प्रकार के घटनाक्रम में तुरंत एकतरफा गिरफ्तारी उचित नहीं है।

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