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संसद सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में तीन तलाक बिल पेश नहीं हो सका. एक तरफ जहां केंद्र सरकार इस बिल को पेश करने की आजमाइश कर रही थी, वही दूसरी ओर विपक्ष लगातार इसका विरोध कर रहा था. आखिर विपक्ष के आगे सरकार झुक गई और तीन तलाक बिल पेश नहीं किया. अब ये बिल संसद के अगले सत्र में ही पेश हो पाएगा.

गौरतलब है कि गुरूवार को ही मोदी कैबिनेट में तीन तलाक बिल में संशोधन को मंजूरी मिली है। इससे पहले कांग्रेस ने इस बिल में कई तरह की कमियां बताई थीं, जिसके बाद बिल को संशोधित किया गया है।

LIVE: राज्यसभा में राफेल डील पर विपक्ष का हंगामा

बिल में हुए संशोधन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आज केंद्र सरकार इओस बिल को संसद में पेश कर सकती है। बताया जा रहा है कि इस बिल को यदि राज्यसभा में मंजूरी बिल जाती है तो संसद का सत्र एक दिन के लिए बढ़ाया जा सकता है।

इस बिल पर रणनीति बनाने के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अहम् मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में अमित शाह, अनंत कुमार और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद मौजूद है।

तीन तलाक गैर जमानती होगा, मजिस्ट्रेट से मिल सकेगी जमानत

इस मामले में कांग्रेस सांसद हुसैन दलवई के बयान पर विवाद छिड़ गया है। दलवई ने कहा कि शक के आधार पर राम ने भी सीता को छोड़ा था. हर धर्म में पुरुषों का वर्चस्व है तो ऐसे में इस्लाम पर ही सवाल क्यों?

एससी-एसटी ऐक्ट में संशोधन के बिल को राज्यसभा से मिली मंजूरी

गौरतलब है कि राज्यसभा में गुरूवार को ही उपसभापति पद के चुनाव हुए है, जिसमे NDA के हरिवंश ने बाजी मार ली है। हरिवंश की जीत के बाद उच्च सदन में भी भाजपा की स्थिति मजबूत दिख रही है।

नए बिल में तीन तलाक के मामले को गैर जमानती अपराध तो माना गया है लेकिन संशोधन के मुताबिक़ अब मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा। साथ ही विधेयक में एक और संशोधन किया गया है जिसमें पीड़ित के रिश्तेदार जिससे उसका खून का रिश्ता हो भी शिकायत दर्ज कर सकता है।

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