राजीव कुमार की कोर्ट से अपील, गैर-जमानती वारंट जारी करने से पहले की जाए सुनवाई

शारदा चिंटफंड मामले को लेकर सीबीआई के निशाने पर चल रहे कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट क रूख किया है। दरअसल, सीबीआई ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने को लेकर कोलकाता की कोर्ट मेें याचिका दायर की है।

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rajeev kumar

कोलकाता। शारदा चिंटफंड मामले को लेकर सीबीआई के निशाने पर चल रहे कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट क रूख किया है। दरअसल, सीबीआई ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने को लेकर कोलकाता की कोर्ट मेें याचिका दायर की है। ऐसे में राजीव कुमार ने कोलकाता की ही अलीपुर अदालत में अपील की है कि गैर-जमानती वारंट से संबंधित कोई भी आदेश जारी किए जाने से पहले सुनवाई की जानी चाहिए।

बता दे कि सीबीआई ने गैर-जमानती वारंट जारी करने को लकर बरासत कोर्ट में याचिका दायर की है। जांच ऐजेंसी ने ये कदम ऐसे समय उठाया है जब राजीव कुमार ने बीते चार दिनों में भेजे गए तीन समन का जवाब तक नहीं दिया।

गौरतलब है कि बीते दिनों हाईकोर्ट द्वारा पूर्व कमिश्नर की जमानत याचिका पर लगी रोक को हटाए जाने के बाद उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई थी। वहीं हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद सीबीआई भी एक्शन में आ गई और डिप्टी पुलिस कमिश्नर के कार्यालय पहुंच गई। बता दे कि इसी स्थान पर राजीव कुमार का घर भी है। जांच ऐजेंसी के द्वारा यंहा पर नोटिस चस्पा किया गया था और कुमार को सीबीआई दफ्तर में हाजिर होने को कहा है।

क्या है मामला?

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट द्वारा मई 2014 में सुदिप्त सेन नीत शारदा समूह सहित कई चिटफंड घोटालों की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। बता दे कि इन घोटालों के माध्यम से निवेशकों से 2500 करोड़ रुपये ठगे गए थे। साल 2013 में 2013 में इस घाटाले का खुलासा हुआ था तब राजीव कुमार बिधाननगर पुलिस आयुक्त थे।

सीबीआई का राजीव पर आरोप है कि पोंजी चिंट फंड घोटाला मामले में उन्होने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की है। बता दे कि कुमाार घोटाले की जांच कर रही सीआईटी के प्रमुख थे।

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