जयपुर: काफी समय से राजस्थान अधिकारियो की कमी सेजुंझ रहा था लेकिन इंतजार की घडी अब समाप्त हो गयी और राजस्थान में अब आधा दर्जन ने आईएएस अधिकारी ने अपने औदे संभाल लिए है। जिससे सरकार को अपनी लोक कल्याणकारी योजना और नई नीतियों को आमजन तक पहुंचने में मदद मिल सकेगी।केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने 2019 बैच के चयनित 179 आईएएस अधिकारियों को कैडर आवंटित कर दिया है। इसमें राजस्थान राज्य को 6 नए आईएएस मिले हैं। इन अधिकारियों को राजस्थान कैडर दिया गया है।

राज्य के 6 नए आईएएस अधकारियों में ओबीसी श्रेणी में उत्तर प्रदेश मूल की प्रतिभा वर्मा, गुंजन सिंह और धीरज कुमार सिंह को राजस्थान कैडर मिला है। साथ ही एससी श्रेणी में तमिलनाडु मूल के सिद्धार्थ पलानी चानी को भी राजस्थान कैडर मिला है। एक अछि बात ये भी है की ओबीसी श्रेणी में ही राजस्थान मूल के ही सोहनलाल को और एससी श्रेणी में मृदुल सिंह को राजस्थान कैडर मिला है।राजस्थान में आईएएस अधिकारियों का कुल कैडर 315 का है और वर्तमान में 240 आईएएस राज्य में कार्यरत हैं। वही 16 आईएस सेंट्रल डेपुटेशन पर है और 2 आईएएस इंटर स्टेट में नियुक्त किये गए है। इन 6 नए अफसरों की नियुक्ति से 264 पद फिलहाल भरे गये हैं और इन्हे राज्य की सिविल सेवा लिस्ट में भी शामिल कर लिया जाएगा।

राजस्थान में अब अफसरों की कमी दूर होगी
राज्य में नए 6 अफसरों को जिला परिषद का मुख्य कार्यकारी अधिकारी या उपखंड अधिकारी बनाया जाएगा। इस तरह से इन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा, सभी को प्रशिक्षण के लिए दिल्ली भेजा जायेगा जिसका समय 6 महीने होगा। काफी लंबे समय में राजस्थान राज्य अफसरों की कमी महसूस हो रही थी और इसके साथ ही चुनावी मौसम में सरकार लोक कल्याणकारी योजनएं आमजन तक पहुंचाना चाहती लेकिन यह अहम काम केवल ब्यूरोक्रेसी के माध्यम से संभव है। प्रदेश में आईएएस अधिकारियों की कमी के चलते कई अधिकारियों को कई अन्य विभागाें और प्रोजेक्ट्स का अतिरिक्त कार्यभार संभालना पड़ रहा है। इन 6 नए अधिकारियों के आने से काफी सारे काम अब पुनः पशुरू हो जायेंगे और कई नए भी।