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तीन राज्यों को जोड़ती है राहुल की दूसरी सीट | Rahul’s second seat joins three states

Posted on: 03 Apr 2019 15:00 by Mohit Devkar
तीन राज्यों को जोड़ती है राहुल की दूसरी सीट | Rahul’s second seat joins three states

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की दूसरी सीट की चर्चा सारे देश में है। तीन बार से उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से लोकसभा में पहुंच रहे राहुल ने पहली बार दो सीटों से चुनाव लड़ना तय किया है। पहली सीट तो अमेठी ही रहेगी और दूसरी होगी केरल की वायनाड। यह सीट राहुल के लिए राजनीतिक तौर पर तो सुरक्षित मानी ही जा रही है, इसके अलावा यहां से चुनाव लड़कर राहुल दक्षिण भारतीय राज्यों में कांग्रेस को मजबूती भी प्रदान करना चाहते हैं। यह सीट तीन राज्यों के बीच बसी है। इनमें केरल तो है ही, तमिलनाडु और कर्नाटक की सीमा भी वहीं जाकर मिलती है। जाहिर है वहां का चुनाव अभियान आसपास के दोनों राज्यों में भी माहौल बनाएगा।

कर्नाटक में तो कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है ही, तमिलनाडु में भी उसका गठबंधन द्रविड़ मुनैत्र कषगम के साथ हुआ है, जिसकी चुनावी संभावनाएं इस बार बेहतर आंकी जा रही है। बहरहाल, केरल को जिस तरह से भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने निशाने पर लिया था और इससे लगी कन्याकुमारी (तमिलनाडु) सीट पिछली बार मोदी लहर के नाम पर जीती थी, वह भी कांग्रेस के लिए खतरे का संकेत ही था। कांग्रेस नेतृत्वव को कदाचित यह भय रहा होगा कि कहीं केरल व कर्नाटक में भी उसकी हालत ठीक वैसी न हो जाए, जैसी कि आज तमिलनाडु में है। बहरहाल, जहां तक वायनाड सीट का सवाल है यह एक खूबसूरत प्राकृतिक स्थल है और पर्यटन के लिहाज से भी महत्ववपूर्ण है।

वायनाड जिले में ही स्थित बाणासुर सागर बांध, पक्षीपातालम, चेम्ब्रा चोटी, नीलिमला, मीनमुट्टी और चेतलयम के झरने पर्यटकों को सहज आकर्षित करते हैं। राजनीतिक हालात की जहां तक बात है यह सीट २००८ के परिसीमन में ही बनी है। उसके बाद पहली बार हुए 2009  के चुनाव में यूडीएफ (कांग्रेस) के टिकट से एमआई शानवास लड़े थे। उन्होंनेन एलडीएफ (सीपीआई) के एम रहमतुल्लाह को डेढ़ लाख से ज्यादा मतों से शिकस्त दी थी। हालांकि २०१४ के चुनाव में वे एलडीएफ (सीपीएम) के सत्यन मोकेरी से महज इक्कीस हजार मतों से ही जीत पाए थे। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पीआर रस्मिलनाथ को अस्सी हजारर से ज्यादा मत मिले थे। बदलते समीकरणों में राहुल यह सीट कैसे जीतेंगे या कोई नया कीर्तिमान रचेंगे इस पर सारे देश की निगाहें लगी है।

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