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राहुल गाँधी जी के 72,000 रु. मोदी जी के 15 लाख रूपये से बेहतर है | Rahul Gandhi’s Rs 72,000 Modi Ji is better than 15 lakh rupees

Posted on: 27 Mar 2019 19:31 by Mohit Devkar
राहुल गाँधी जी के 72,000 रु. मोदी जी के 15 लाख रूपये से बेहतर है | Rahul Gandhi’s Rs 72,000 Modi Ji is better than 15 lakh rupees

नीरज राठौर

नरेन्द्र मोदी जी के पिछले इलेक्शन के 15 लाख रूपये के चुनावी जुमले को देखते हुए मुझे लगा कि ये 2019 का चुनाव देश का पहला ऐसा चुनाव न साबित हो जाए जिसमें प्रमुख प्रतिभागी दल कोई वादा ही न करें।
लोकतंत्र में वादों का बहुत महत्व है। अगर उनका महत्व न होता तो आप आज न पंद्रह लाख माँग रहे होते, न सौ नए स्मार्ट शहर, न दो करोड़ रोज़गार, न साफ़ गंगा।
सब उस काग़ज़ पर लिखे शब्दों का असर है, जिसे चुनाव घोषणापत्र या चुनावी वादे कहते हैं।
कांग्रेस ने मौजूदा चुनाव का किसी भी दल का अब तक का सबसे बड़ा वादा किया है। नहीं निभाएगी तो जनता निर्मम है। हिसाब माँग लेगी।
हर ग़रीब परिवार को सालाना 72,000 रुपए देने से इकनॉमी में पैसा नीचे तक पहुँचेगा। ग़रीबी दूर नहीं होगी लेकिन लोगों की ख़रीदारी क्षमता बढ़ेगी। मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। प्रोडक्शन का स्केल बढ़ेगा।
चीन की ग्रोथ का यही रास्ता है। आंतरिक खपत बढ़ाए बिना भारतीय अर्थव्यवस्था का कोई भविष्य नहीं है।
यह एक गेम चेंजर है। लेकिन क्या कांग्रेस के पास वो पार्टी तंत्र है, जिससे ये बात नीचे तक पहुँच सके।
मीडिया तो इस समय पूरी तरह बीजेपी का वफ़ादार है। वो इसकी कम ही चर्चा करेगा।
बीजेपी और बाक़ी दलों की घोषणाओं का इंतज़ार है.
आर्थिक मामलों के एक जानकार ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि ऐसी योजनाएँ अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी हो सकती हैं मगर इसमें सावधानी बरतनी होगी.
आईसीआईसीआई सिक्योरिटिज़ के फ़िक्स्ड इनकम रिसर्च विभाग के प्रमुख ए प्रसन्ना ने कहा था की , बड़े पैमाने पर कैश-ट्रांसफ़र की योजनाएँ अर्थव्यवस्था में तेज़ी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. मगर दीर्घ अवधि में ऐसी योजनाएँ तभी कारगर होती हैं जब उन्हें ठीक से तैयार किया गया हो और भोजन, ईंधन जैसे मदों पर दी जानेवाली सब्सिडी को भी उनमें शामिल कर लिया जाए.

राहुल गांधी ने न्यूनतम आय देने का वादा इससे पहले जनवरी में भी किया था. हालाँकि ये राशि कितनी होगी ये पहली बार उन्होंने 25 मार्च को ही कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक के बाद बताया.

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