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Rahul का Modi पर तंज, गायब हो गया अब नई लाइन है, सरकार का काम ही है गायब करना| “Gayab Ho Gaya Hai Is New Line”: Rahul Gandhi On “Stolen” Rafale Papers

Posted on: 07 Mar 2019 10:21 by Ravindra Singh Rana
Rahul का Modi पर तंज, गायब हो गया अब नई लाइन है, सरकार का काम ही है गायब करना| “Gayab Ho Gaya Hai Is New Line”: Rahul Gandhi On “Stolen” Rafale Papers

लड़ाकू विमान राफेल सौदे में हुए घोटाले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेस की। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ओर अनिल अंबानी पर जमकर हमलावर हुए। रक्षा मंत्रालय से राफेल डील की फायलें गायब होने पर तंज कसते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- एक नई लाइन निकली है, सब कुछ गायब हो गया है। राफेल की फायलें गायब हो गई। युवाओं का रोजगार गायब हो गया।

अगर ये कागज गायब हुए हैं तो इसका मतलब है कि ये कागज सच्चे हैं और ये आप स्वीकार कर रहे हैं। कागज में ये लिखा है कि नरेन्द्र मोदी ने ‘बायपास सर्जरी’ की है। कागजों के गायब होने पर कार्रवाई कीजिए, लेकिन उन पर भी कार्रवाई कीजिए जिनका नाम इन कागजों में लिखा है। इस सरकार का काम ही है गायब करना।

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अगर न्याय की बात कर रहे हैं तो न्याय सबके साथ होना चाहिए। फाइल में साफ लिखा है कि पीएमओ ने सौदे की ‘समानान्तर बातचीत’ की। प्रधानमंत्री ने राफेल की डिलेवरी में देरी कराई, अपने दोस्त की जेब में 30 हजार करोड़ रुपये डाले।

‘समानान्तर बातचीत’ क्यों हो रही है? कोई न कोई कारण तो होगा? कारण ये है कि मोदी जी नरेन्द्र मोदी को 30 हजार करोड़ रुपये देना चाहते थे, इससे उनको भी फायदा होगा। हिंदुस्तान में आपराधिक जांच उन सब पर हो सकती है जो पीएम का विरोध करते हैं, लेकिन जब पीएम का नाम आता है तो उन पर नहीं हो सकती। क्यों?

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राफेल में घोटाला हुआ है। ‘द हिंदू’ अखबार ने दिखाया है कि रक्षा मंत्रालय की फाइलों में साफ तौर पर प्रधानमंत्री का नाम लिखा है और ये भी लिखा है कि राफेल की डिलेवरी में देरी कर दो।

प्रधानमंत्री की नयी डील ने राफेल को हिंदुस्तान में लाने में देरी की, रक्षा मंत्रालय के दस्तावेजों में ये साफ लिखा है। कागज में साफ लिखा है कि नरेन्द्र मोदी राफेल सौदे की ‘समानान्तर बातचीत’ कर रहे हैं। ये भी लिखा है कि दाम बढ़ाये गये हैं।

फाइल में लिखा है कि प्रधानमंत्री की समानान्तर बातचीत’ ने राफेल के भारत आने में देरी की है, हमारी डील में ये पहले आता। सच्चाई तो ये है कि राफेल इसलिये टाईम पर नहीं आया क्योंकि प्रधानमंत्री जी अनिल अंबानी को पैसा देना चाह रहे थे । ये साफ है कि प्रधानमंत्री ने निजी तौर पर अनिल अंबानी को कांट्रैक्ट दिलवाया है और 30 हजार करोड़ रुपये उनकी जेब में डाले हैं।

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