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प्रियंका बोलीं, पंकज संघवी को जिताओगे, लोग बोले – हां, जिताएंगे | Priyanka Gandhi concludes her speech with vote appeal for Pankaj Sanghvi

Posted on: 13 May 2019 20:07 by Surbhi Bhawsar
प्रियंका बोलीं, पंकज संघवी को जिताओगे, लोग बोले – हां, जिताएंगे | Priyanka Gandhi concludes her speech with vote appeal for Pankaj Sanghvi

इंदौर: प्रियंका ने अपने भाषण का समापन पंकज संघवी के लिए वोट अपील से किया। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या पंकज संघवी को जिताओगे? तो जवाब आया, हां जिताएंगे। प्रियंका ने इंदौर का ट्रैफिक अस्त-व्यस्त होने से लोगों से माफ़ी भी मांगी, कहा-आपको जो असुविधा मेरी वजह से हुई है उसके लिए माफ़ी चाहती हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने के साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि कमलनाथ जी लगातार किसानों का कर्जा माफ़ कर रहे है। कांग्रेस ने अपने हर उस वादे को निभाया है जो घोषणापत्र में किया था। नोटबंदी की कतार में लगने के लिए राहुल गांधी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि उस मुश्किल घड़ी में वो अकेले ऐसे नेता थे जो आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर आपके साथ खड़े थे।

प्रियंका ने कहा कि इंदौर में आईआईटी खुला, आईआईएम खुला, किसने खोला? कमलनाथ जी किसानों के कर्ज माफ कर रहे हैं। इसलिए की घोषणा की गई थी सबसे पहले न्याय योजना है जिसमें 6 हजार समाज के निचले तत्वों को मिलेंगे। इसके बारे में गलत प्रचार किया जा रहा है कि हम मध्यम वर्ग से लेंगे, ऐसा नहीं है। यदि आप उद्योग डालते हैं तो 3 साल तक आपको किसी की भी परमिशन की जरूरत नहीं होगी। मनरेगा को भी हम और अधिक मजबूत बनाएंगे ताकि सभी को उसका लाभ मिल सके।

प्रियंका ने कहा कि सिर्फ राहुल गांधी ही थे जो जनता के साथ नोटबंदी में कतार में साथ खड़े थे। उन्होंने कहा था कि काला धन सामने आ जाएगा,क्या आया? इनकी नियत भी खराब है। देशभर में किसान बदहाल है, 12 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। देश के कौने से किसान दिल्ली आए और मोदी जी से कहा 5 मिनट का समय दीजिए लेकिन किसानों के लिए उनके पास समय नहीं था। अपने आप को बहुत बड़ा राष्ट्रवादी कहते हैं। कैसा राष्ट्रवाद है, जिसमें महिलाएं नौजवान सुरक्षित नहीं है, दलितों की पिटाई सरेआम होती है तो मौन रहते हैं।

मोदी को निशाने पर लेते हुए प्रियंका ने कहा कि आपको 15 लाख रूपए देने का वादा किया था क्या मिले सब समझ चुके हैं कि इनकी सच्चाई क्या है। बात यह हुई है कि उनका अहंकार बहुत बढ़ गया है। जनता से मिलने का उनके पास समय नहीं है, उनको यह पता ही नहीं है कि उनकी नीतियों से जनता पर क्या बीत रही है। आप ने नोटबंदी के दौरान किसी नेता को किसी उद्योगपति को सड़क पर देखा। राहुल गांधी कतार में खड़े हुए थे और उनके तमाम नेताओं ने उनका मजाक उड़ाया।

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