बिचोली मर्दाना की प्रणाम स्टेट कॉलोनी वालों ने किसान के साथ भी धोखाधड़ी की | Pratam State Colony of Bicholi Mardana cheated the Farmer

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Bicholi mardana

बिचोली मर्दाना की विवादास्पद प्रणाम स्टेट कॉलोनी को लेकर अब यह भी तथ्य सामने आया है कि इस के कर्ताधर्ता द्वारा किसानों के साथ की धोखाधड़ी करते हुए किसानों से सीधे ही प्लाट होल्डरों के नाम पर रजिस्ट्री करा दी गई थी और किसानों को अभी तक पैसा नहीं दिया गया है। यही वजह है कि यहां पर 20 साल बीतने के बाद भी ना तो विकास कार्य शुरू हुए हैं और ना ही प्लॉट को कब्जा दिया गया है। आइए जानते हैं इस से जुड़े हुए सभी तथ्य जिन की जानकारी द पूर्व में भी दी गई है।

इस कॉलोनी का किस्सा यह है कि यहां पर संजय लुहाडिया द्वारा किसानों को नाम मात्र का पैसा देखकर जमीन खरीदी गई और उसके बाद उसमें से तीन लाख वर्ग फुट जमीन प्रणाम स्टेट कॉलोनी को बेच दी गई जिसके कुल 6 पार्टनर थे।

प्रणाम स्टेट द्वारा 200 प्लाट यहां पर। बेचे गए और इनकी रजिस्ट्री फार्म हाउस के नाम पर करा दी गई। इसके बाद आज तक न तो यहां पर कब्जा दिया गया। प्लॉट होल्डर को क्योंकि यहां पर आज भी खेत की नजर आ रहे हैं। जब यहां के प्लाट होल्डर कॉलोनाइजर के पास जाते हैं तो वह कहते हैं कि उनके पास डेवलपमेंट के पैसे नहीं है।

प्लॉट होल्डरों की परेशानी यह है कि उनके पास 25 जनवरी 1999 से लेकर उसके बाद तक की तिथियों की रजिस्ट्री हैं। जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि उन्हें विकास कार्य करके कब्जा दे दिया जाएगा लेकिन 20 वर्ष बीतने के बाद भी यहां के प्लाट होल्डर अपने प्लाट का कब्जा नहीं ले पा रहे हैं और इस पूरे मामले को लेकर जनसुनवाई में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी लेकिन वहां पर भी कार्रवाई के आदेश होने के बावजूद आज तक प्रणाम स्टेट द्वारा कॉलोनी में कोई डेवलपमेंट कार्य नहीं किया गया है।

इसी बीच अंदरूनी तथ्य यह भी पता चला है कि किसानों को पर्याप्त राशि नहीं देने के कारण भी यहां विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। याने प्लॉट होल्डरों से पूरा पैसा ले लिया गया लेकिन किसानों को पैसा नहीं दिया गया और किसानों तथा कॉलोनाइजर के बीच भी यह पूरा मामला उलझा हुआ है।

प्रणाम स्टेट कॉलोनी को लेकर एक जोरदार बात यह भी है कि जब उसकी रजिस्ट्री की गई तो रजिस्ट्री की किसान मांगीलाल रामेश्वर बद्रीलाल पिता श्री जोगी लाल एवं श्रीमती जानी बाई पति श्री जोगी लाल बिचोली मरदाना द्वारा।

इसके बाद आम मुख्तियार बने श्री धनपाल पिता माधव लाल सेठी जी को विक्रेता प्रथम पक्ष कहा गया। इसके बाद संजय पिता प्रकाश चंद्र जैन लुहाडिया साउथ तुकोगंज को विक्रेता द्वितीय पक्ष से संबोधित किया गया। इसके बाद प्रणाम कंस्ट्रक्शन तरफ से भागीदार अजय पिता बाल चंद जी जैन पता न्यू पलासिया इंदौर जिसे विक्रेता तृतीय पक्ष संबोधित किया गया और इस प्रकार प्रथम द्वितीय तृतीय तीनों द्वारा विक्रय पत्र जो प्लाट होल्डर थे। उन्हें क्रेता पक्ष कहकर उनके नाम से रजिस्ट्री की गई।

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