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प्रणब मुखर्जी और भागवत ने विचारधाराओं एवं मतभेदों से आगे निकल कर संवाद का उदहारण पेश किया – एल.के आडवाणी

Posted on: 08 Jun 2018 14:07 by Lokandra sharma
प्रणब मुखर्जी और भागवत ने विचारधाराओं एवं मतभेदों से आगे निकल कर संवाद का उदहारण पेश किया – एल.के आडवाणी

नई दिल्ली: कल पूरे दिन मीडिया में पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस दिग्गज़ नेता रहे प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में जाने और उनके भाषण पर विश्लेषण चलता रहा. हर कोई प्रणब दा के बयान को अपने लहज़े में बोलने की कोशिश कर रहा है, कोई आलोचना कर रहा है तो कोई उनके भाषण की तारीफ़ कर रहा है. इन सभी के बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस मुख्यालय जाने और भारतीय राष्ट्रवाद पर अपना विचार व्यक्त करने को देश की मौजूदा घटना में इतिहास की महत्वपूर्ण घटना बताया है.

अडवाणी के अनुसार इस प्रकार खुलेपन की भावना और आपसी सम्मान के साथ विचारों के आदान प्रदान से देश में  सहिष्णुता और सौहार्द की भावना तैयार करने में मदद मिलेगी. बीजेपी के वरिष्ठ नेता अडवाणी ने सरसंघचालक मोहन भागवत के निमंत्रण भेजने और प्रणब मुखर्जी को उसे स्वीकार करने की सराहना की. गौरतलब है प्रणब मुखर्जी कई वर्षों तक देश के कद्द्वर नेता रहे हैं.

अडवाणी ने आगे कहा दोनों के विचार अपने आप में महत्वपूर्ण विषय को परिलक्षित करते हैं. आरएसएस की आजीवन पात्रता प्राप्त स्वयंसेवक आडवाणी ने कहा कि उनका मानना है कि प्रणब मुखर्जी और भागवत ने विचारधाराओं एवं मतभेदों से परे संवाद का सही अर्थो में सराहनीय उदाहरण पेश किया है. उन्होंने कहा कि दोनों ने भारत में एकता के महत्व को रेखांकित किया जो बहुलतावाद समेत सभी तरह की विविधता को स्वीकार एवं सम्मान करती है. आडवाणी ने मोहन भागवत की ओर से वार्ता के माध्यम से देश के विभिन्न वर्गो तक पहुंच बनाने के प्रयासों की सराहना की.

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