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लक्ष्मी पूजन व खाता पूजन के लिए शुभकारक रहेगा ‘प्रदोष काल’

Posted on: 06 Nov 2018 12:10 by shilpa
लक्ष्मी पूजन व खाता पूजन के लिए शुभकारक रहेगा ‘प्रदोष काल’

कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन दिवाली मनाई जाती है। जो इस वर्ष 7 नवंबर, बुधवार को हर्षोल्लाहस से मनाई जाएगी. इस दिवाली की अमावस्या तिथि पर महानिशीथ काल का अभाव है। जानकारों के अनुसार निशा पूजा व तांत्रिका पूजा स्थिर लग्न सिंह में की जाएगी जो शुभकारक रहेगा।

पंडितों के अनुसार प्रदोष काल भी उत्तम योग है।अमावस्या तिथि मंगलवार रात 10:06 बजे से शुरू हो जाएगी जो बुधवार की रात 9:01 बजे तक रहेगी। इसलिए उदया तिथि में अमावस्या का मान सूर्योदय में मिल रहा है।

प्रदोष काल का समय जो पूजन व खाता पूजन के लिए अत्यंत शुभ मुहूर्त है – शाम 5:42 से 7:37 बजे तक
निशा पूजा व तांत्रिका पूजा का स्थिर लग्न कुंभ में है जिसका समय दोपहर 1:06 से दोपहर 2:34 तक.

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