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दूसरी तिमाही में शक्ति पम्पस को 9.27 करोड़ रुपए मुनाफा, कुल राजस्व 104 प्रतिशत बढ़कर 139 करोड़ रुपए हुआ

Posted on: 03 Nov 2018 15:14 by Pinki Rathore
दूसरी तिमाही में शक्ति पम्पस को 9.27 करोड़ रुपए मुनाफा, कुल राजस्व 104 प्रतिशत बढ़कर 139 करोड़ रुपए हुआ

भारत के अग्रणी एनर्जी एफीशिएंट स्टेनलेस स्टील और सोलर इंटीग्रेटेड पंप बनाने वाली शक्ति पम्पस (इंडिया) लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही शानदार प्रदर्शन किया है। सौ से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करने वाली शक्ति पंप लि. ने 30 सितंबर, 2018 को समाप्त वित्तीय वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में अपने कुल राजस्व में 104 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है और राजस्व रुपए 139 करोड़ पर पहुंच गया वहीं नेट प्रॉफिट साल दर साल 207 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए रुपए 9.27 करोड़ रहा ।

इस अवधि में कंपनी का राजस्व 68 करोड़ रुपए की तुलना में 104 प्रतिशत बढ़कर 139 करोड़ रुपए हो गया। इसी प्रकार 11.42 करोड़ रुपए के मुकाबले एबिटा (EBIDTA) 86 प्रतिशत से बढ़कर 21.24 करोड़ रुपए हो गया। इस अवधि में छ:माही  राजस्व 159 करोड़ रुपए की तुलना में 49 प्रतिशत से बढ़कर 237 करोड़ रुपए रहा। कंपनी के अनुसार 30 सितंबर, 2018 को समाप्त अवधि में प्रथम छ:माही प्रॉफिट 7.84 करोड़ रुपए की तुलना में 102 प्रतिशत से बढ़कर 15.91 करोड़ रुपए रहा । वहीं 2019 के प्रथम छ:माही (एच 1) में प्रति शेयर आय बढ़त 4.27 से 8.66 हुई है।

कंपनी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए श्री दिनेश पाटीदार, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, शक्ति पम्पस (इंडिया) लिमिटेड ने कहाकम्पनी अपनी जिन नीतियों पर काम कर रही है वो इन परिणामो में दिख रहा है। सरकार भी सोलर प्रोजेक्ट को बढ़ावा दे रही है, जिसका आगे चलकर सबको फायदा होगा। एमएनआरई, राज्य सरकार, अंतर्राष्ट्रीय सोलर अलायन्स (आईएसए), नाबार्ड इत्यादि द्वारा हम भविष्य में भी सोलर प्रोजेक्ट पर ध्यान केन्द्रित करेंगे और हमारे विक्रेता/ वितरक नेटवर्क को फैलाते हुए निर्यात व्यापर को बढ़ाने के प्रयास जारी रखेंगे।

यूनियन बजट में की गई घोषणा जिसमें अक्षय उर्जा खास कर सोलर उर्जा पर अत्यधिक ध्यान केन्द्रित रहा जो कंपनी के लिए लाभदायक रहेगा। आईएसए (ISA) द्वारा ईईएसएल (EESL)को अपने 5 लाख सोलर पंप का प्रोजेक्ट एसाइन्ड किये गए जो कि एक स्वागत योग्य कदम है, और जो अंतराष्ट्रीय सोलर व्यापर में भारतीय कंपनियों के लिए द्वार खोलेगा। कुसुम योजना की भी घोषणा की गई जिसमे 3 करोड़ खेती उपयोगी पम्पस को आने वाले 10 वर्षों में सोलर पम्पस में परिवर्तित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कुसुम एक लम्बी अवधि की महत्वाकांक्षी योजना है।

शक्ति पम्पस (इ) लिमिटेड के बारे में :शक्ति पंप सोलर पम्पिंग की फील्ड में एक अग्रणी कंपनी है, जो स्टेनलेस स्टील पम्पस, एनर्जी सेविंग मोटर्स की फील्ड में जानी जाती है, शक्ति पंप शतप्रतिशत स्टेनलेस स्टील पम्पस का निर्माण करने वाली पहली कुछ कंपनियों में से एक है l कंपनी का लक्ष्य अतुलनीय क्वालिटी पम्पस बनाने का है जो  क्वालिटी के साथ साथ उर्जा दक्षता और लम्बे समय तक रख रखाव की कम लागत का लाभ हमारे उपभोक्ताओ को दे सके l

भारत का दिल कहलाने वाले राज्य मध्य प्रदेश के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में शक्ति पंप 5 लाख पम्पस प्रति वर्ष बनाने की क्षमता वाला प्लांट है जो की ISO 9001-2008 से प्रमाणित है l

शक्ति पम्पस आज अन्तार्राष्ट्रीय अग्रणी कंपनियों के साथ कंधे से कन्धा मिला कर 100 देशो में अपने उत्पादों को निर्यात कर रही है जो दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, शक्ति पम्पस का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो कृषि, सिंचाई, औद्योगिक अनुप्रयोग एवं प्रक्रियाओं, ऊँची इमारतों में दबाव बढ़ाने, ग्रामीण/ शहरी पानी आपूर्ति योजना, और अपशिष्ट एवं गंदे पानी को उपयोगी बनाने तथा अग्निशमन आदि फ़ील्ड्स को सेवाए प्रदान करता है l

शक्ति पम्पस उच्च दक्षता एवं परिशुद्धता-उपकरणों से सज्जित है जिसकी विशेषता है जटिल एवं उच्च गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट को असेम्बल करना यह सुविधा बेहद कुशल और प्रतिभाशाली मानव शक्ति द्वारा संचालित की जा रही है, एक पूरी तरह से कम्प्यूटराईज्ड परीक्षण प्रभाग प्रत्येक पंप के प्रदर्शन पर नज़र रखता है, इस प्रकार गुणवत्ता में स्थिरता बनाए रखता है। इसका पूर्ण आर एंड डी डिवीजन नए सामग्रियों, अनुप्रयोगों और प्रक्रियाओं के साथ अभिनव उत्पादों के अनुसंधान और विकास के लिए समर्पित है।

 

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