Breaking News

नक्सली महिला द्वारा बच्चे को जन्म देने की मार्मिक दास्तान | Poignant Story of Naxalite Woman giving birth to the Baby…

Posted on: 16 May 2019 18:46 by rubi panchal
नक्सली महिला द्वारा बच्चे को जन्म देने की मार्मिक दास्तान | Poignant Story of Naxalite Woman giving birth to the Baby…

महिला नक्सली ने संगठन के विरुद्ध जाकर बच्चें को जन्म दिया जिसके लिए उसे संगठन से निकाल दिया गया है। इस महिला नक्सली पर 1 लाख का इनाम था। महिला ने बच्चे के साथ आत्मसमर्पण कर लिया है। महिला नक्सली ने बताया कि उसे नक्सलियों ने गर्भपात के लिए काफी यातनाएं दी लेकिन फिर भी उसने हार नहीं मानी। बच्चे को जन्म देने के बाद उसके साथियों ने उसे जंगल में ही छोड़ दिया था।

महिला नक्सली सुनीता सुकमा जिले के चिंतलनार थाना क्षेत्र की निवासी है तथा उत्तर बस्तर डिवीजन के अंतर्गत कुंएमारी एलओएस की सदस्य है। सुनीता के गर्भवती होने की जानकारी होने के बाद से ही संगठन ने उसे गर्भपात के लिए कहा था लेकिन उसने ऐसा करने को मना कर दिया। इसके बाद अन्य नक्सली साथी सुनिता के गर्भपात के लिए ज्यादा से ज्यादा काम कराने लगे। वे उसे जंगलों में पैदल ही घुमाते थे और पहाड़ियों पर चढ़ाते थे। इसके अलावा सुनिता को खाने के लिए खाना भी सही से नहीं देते थे।

सुनिता 2014 में बासागुड़ा के एलओएस में भर्ती हुई थी। 2015 में सुनिता को दक्षिण बस्तर डिविजन से उत्तर बस्तर कांकेर भेज दिया गया और यहीं 2018 में सुकमा जिले के मुन्ना मंडावी से उसकी मुलाकात हुई। एक ही जिले से होने के कारण दोनों में नजदीकी बढ़ गई और नक्सली संगठन की शर्तो पर दोनों ने शादी भी कर ली।

नक्सली संगठन की शर्तों में एक शर्त यह भी थी कि संगठन में रह कर कोई भी युवती किसी बच्चे को जन्म नहीं दे सकती। सुनिता के गर्भ से होने के जानकारी उसके पति को भी थी, लेकिन दोनों ने इस बारे में संगठन में किसी को कुछ नहीं बताया, और कुछ समय बाद जब संगठन को बात मालूम हुई तो संगठन ने सुनिता को दवा देने से साफ मना कर दिया और उसे काफी यातनाएं भी दी।

बच्चे को जन्म देने के बाद ही संगठन ने सुनिता को संगठन से निकाल दिया और जंगल में ही छोड़ दिया। फिलहाल सुनिता और उसके बच्चे की हालत खराब है और पुलिस को आत्मसमर्पण करने के बाद दोनों का अस्पताल में इलाज भी चल रहा है।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com