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पीएनबी लोन घोटाला : ब्रैडी हाउस ब्रांच मैनेजर शेट्टी देता था अनलिमिट लोन

Posted on: 26 Jun 2018 13:09 by Praveen Rathore
पीएनबी लोन घोटाला : ब्रैडी हाउस ब्रांच मैनेजर शेट्टी देता था अनलिमिट लोन

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक के 13 हजार करोड़ रुपए के लोन घोटाले की अंदरुनी जांच में जो बैंक की अंदरुनी खामियां उजागर हो रही हैं, वे चौंकाने वाली है। जांच में खुलासा हुआ है कि मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस ब्रांच मैनेजर गोकुल शेट्टी को पॉवर तो दस से पच्चीस लाख रुपए के लोन देने के थे, लेकिन इस शक्स ने सैकड़ों लोगों को एक-एक करोड़ रुपए से ज्यादा के लोन स्वीकृत कर दिए। नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को भी अवैध तरीके से इसी शख्स ने 143 लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी किए थे। बता दें कि नियमानुसार एक व्यक्ति एक ब्रांच में तीन साल से ज्यादा नहीं रह सकता है, लेकिन ये फार्मूला शेट्टी पर लागू नहीं हुआ, क्योंकि इसके दो बार ट्रांसफर कैंसल हुए। यानी इसको बड़े अफसरों का वरदहस्त प्राप्त रहा।

रिपोर्ट में ये हुआ खुलासा
-शेट्टी ने 7 वर्ष के अपने कार्यकाल के दौरान 1 करोड़ या इससे ज्यादा की रकम के 13,501 लोन पास किए। वही एंट्रीज करता था और इसकी निगरानी भी रखता था। अगर उसके सहकर्मी दैनिक निगरानी व्यवस्था की रिपोर्ट देखा करते तो फर्जीवाड़ा पकड़ में आ सकता था।

-जूनियर रैंक के अधिकारी को बैंक का सॉफ्टवेयर ऐक्सेस करने का पूरा अधिकार दे दिया गया। शेट्टी ही बड़ी रकम के लेनदेन को वेरिफाइ भी करता था जिससे वह कभी पकड़ में नहीं आ सका। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोई दूसरा अधिकारी ट्रांजैक्शंस क्लियर कर रहा होता या कोई सीनियर ऑफिसर की दखल होती तो अनधिकृत लेनदेन पकड़ में आ सकती थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, पीएनबी में कई संदेहास्पद गतिविधियों को नजरअंदाज किया गया। मसलन, शेट्टी ने पीएनबी के दिल्ली मुख्यालय के ट्रेजरी डिविजन को सामान्य कामकाजी वक्त से इतर रात 8 से 9.30 बजे कम-से-कम 35 ईमेल भेजे थे। इनमें कम-से-कम 22 ईमेल उसने अपनी पर्सनल आईडी से भेजे थे। रिपोर्ट कहती है, ‘ये सारे ईमेल नीरव मोदी ग्रुप की कंपनियों डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोट्र्स और स्टेलर एक्सपोट्र्स को बड़ी रकम दी गई।’

चूंकि ब्रैडी हाउस पीएनबी का कॉर्पोरेट ब्रांच था, इसलिए यहां बड़े पैमाने पर लेनदेन हुआ करते थे और यहां विदेशी मुद्रा का आदान-प्रदान बड़े पैमाने पर होता था। साथ ही, फॉरेक्स डिपार्टमेंट में विभिन्न विभागों से जुड़े ट्रांजैक्शन वाउचर्स की जमा-निकासी भी शेट्टी की आईडी से हुई। कथित गड़बडिय़ां यहीं खत्म नहीं हुईं। जांच में पता चला है कि जब शेट्टी छुट्टी पर था तब भी ब्रैडी हाउस ब्रांच द्वारा इंटरनैशनल बैंक ब्रांचेज में पेमेंट्स ऑथराइज करने के लिए स्विफ्ट पासवर्ड का इस्तेमाल किया गया, जो गैर-कानूनी था।

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