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जब काशी में मोदी ने सुनाई ये कविता

Posted on: 06 Jul 2019 14:20 by Surbhi Bhawsar
जब काशी में मोदी ने सुनाई ये कविता

लखनऊ: दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद शनिवार को मोदी पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र काशी पहुंचे है। यहां से उन्होंने भाजपा के ‘सदस्यता अभियान’ की शुरुआत की। इस दौरान मोदी ने सम्बोधित भी किया। हर-हर महादेव के जयकारे के साथ पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन की शुरुआत की। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे प्रेरणापुंज श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भाजपा के सदस्यता अभियान का आगाज होना सोने पर सुहागा है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर पं. दीनदयाल के भवन में काशी की पावन धरती पर इस अभियान शुरू हुआ है जो एक त्रिवेणी बन गया है।

बजट को लेकर की चर्चा

मोदी ने कहा कि कल बजट को लेकर आपने टीवी और अखबारों में पढ़ी और देखी होगी। वो बात हर जगह पहुंच गई है वो है 5 टि्रलियन डॉलर इकोनॉमी। इससे आप सब का क्या लेना-देना है लेकिन आपका इसे जानना और घर-घर तक पहुंचाना जरूरी है। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि कुछ लोग है जो हमारी क्षमता पर अविश्वास कर रहे हैं। आशा और निराशा के भंवर में उलझे लोगों तक मैं अपने मन के विचार पहुंचाना चाहता हूं। कविता के माध्यम से उन्होंने अपनी बात कही-

वो जो सामने मुश्किलों का अंबार है

उसी से तो मेरे हौसलों की मीनार है।

चुनौतियों को देखकर, घबराना कैसा

इन्हीं में तो छिपी संभावना अपार है।

विकास के यज्ञ में जन-जन के परिश्रम की आहुति

यही तो मां भारती का अनुपम श्रृंगार है

गरीब-अमीर बनें नए हिंद की भुजाएं

बदलते भारत की, यही तो पुकार है।

देश पहले भी चला, और आगे भी बढ़ा

अब न्यू इंडिया दौड़ने को तैयार है,

दौड़ना ही तो न्यू इंडिया का सरोकार है

हर-हर महादेव के जयकारे के साथ पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन की शुरुआत की। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे प्रेरणापुंज श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भाजपा के सदस्यता अभियान का आगाज होना सोने पर सुहागा है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर पं. दीनदयाल के भवन में काशी की पावन धरती पर इस अभियान शुरू हुआ है जो एक त्रिवेणी बन गया है। आज सदस्यता अभियान पर विस्तार से बात करने से पहले मैं भी एक बहुत बड़े लक्ष्य पर आपसे और देशवासियों से बात करना चाहता हूं । ये लक्ष्य केवल सरकार का नहीं बल्कि हर भारतीय का है।

मोदी ने आगे कहा कि हमें अपने जीवन में एक और मंत्र कभी नहीं भूलना चाहिए कि हम देश के लिए काम कर रहे हैं और हमारा दल, देश के लिए ज्यादा से ज्यादा उपयोगी हो, हमें उस दिशा में निरंतर काम करते रहना। जहां कभी हमारा आधार भी नहीं था, वहां भी संगठन को मजबूत करने के लिए हमारे कार्यकर्ता निरंतर लगे रहे। इसी का परिणाम है कि आज पूर्व, उत्तर पूर्व और दक्षिण भारत में भी सबसे बड़े दल के रूप में उभरे हैं।

एक कार्यकर्ता के तौर पर, भाजपा के सदस्य के नाते अपने आपको हमें कभी कम नहीं आंकना चाहिए। भाजपा का कार्यकर्ता कमाल कर सकता है। आज अगर हमें विजय मिल रही है तो इसके पीछे कार्यकर्ताओं का खून पसीना ही है। भारतीय जनता पार्टी की शक्ति सादगी और सदाचार की रही है। भारतीय परंपरा के ये चिरस्थायी मूल्य हमें विरासत में मिले हैं। अटल जी, आडवाणी जी, जोशी जी, सहित अनेक ने नेतृत्व दिया है, हर व्यक्ति ने इन मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है।

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