UAE की धरती से मोदी का पाक पर वार, सीमा पार आतंकवाद से पीड़ित है भारत

भारत और यूएई का यह सामान्य हित है कि जो ताकतें मानवता के खिलाफ काम कर रही हैं और आतंकवाद को पनाह दे रही हैं, उन्हें अपनी नीतियां छोड़नी होंगी।

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narendra modi

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेन दिन के विदेश दौरे पर है। विदेशों में भी मोदी जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 ख़त्म करने के फैसले को बता रहे है। संयुक्त अरब अमीरात में खलीज टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में मोदी ने कहा कि भारत 4 दशक से सीमा पार आतंकवाद की मार झेल रहा है। भारत और यूएई का यह सामान्य हित है कि जो ताकतें मानवता के खिलाफ काम कर रही हैं और आतंकवाद को पनाह दे रही हैं, उन्हें अपनी नीतियां छोड़नी होंगी।

मोदी ने कहा था कि हमने आतंकवाद के खिलाफ जो कदम उठाए हैं, यूएई ने उन्हें समझा है। साझा सुरक्षा को लेकर हमारा जबरदस्त सहयोग है। अनुच्छेद 370 पर मोदी ने कहा कि हमारे आंतरिक कदम पूरी तरह लोकतांत्रिक और पारदर्शी हैं। इन्हें जम्मू-कश्मीर का अकेलापन दूर करने के लिए लाया गया है, जिससे वह विकसित नहीं हो पाया और कुछ लोगों के हितों को उससे फायदा होता था। इस अकेलेपन के कारण कई युवा बहक गए और आतंकवाद व हिंसा का रास्ता अपना लिया।

जब मोदी से पूछा गया कि अमेरिका में अगले साल तक आर्थिक मंदी की आशंका है, जिसका बहुत बुरा असर पड़ सकता है। क्या आप मानते हैं कि भारत और यूएई की आर्थिक साझेदारी इस बुरे वक्त से पार पा जाएगी। इस संबंध में आप क्या कदम उठाना चाहते हैं?

इस सवाल के जवाब में मोदी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूत है। अगले 5 वर्षों में हमने 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने का लक्ष्य रखा है। यूएई अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता ला रहा है और अपनी ताकत के पारंपरिक क्षेत्रों से परे जा रहा है। साथ में, हमारे पास समृद्धि हासिल करने के लिए सोच, रोडमैप के साथ-साथ आकार, गति व संसाधन हैं। यह हम दोनों और दुनिया के लिए जीत की स्थिति है। हमारी अर्थव्यवस्था बढ़ती तालमेल और संयुक्त अरब अमीरात में लाखों भारतीयों की उपस्थिति का उपयोग करते हुए एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं।

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