करतारपुर के लिए PM मोदी ने की इमरान खान की तारीफ, खुली दोनों देशों की राह

श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया करतारपुर कॉरिडोर भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को पाक स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारे से जोड़ेगा।

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नई दिल्ली : श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया। करतारपुर कॉरिडोर भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को पाक स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारे से जोड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के लिए रवाना किया तो वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इनका स्वागत किया। इस मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश-उत्सव से पहले, इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट करतारपुर साहिब कॉरिडोर का खुलना हम सभी के लिए दोहरी खुशी है।

करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा, ”गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश-उत्सव से पहले, इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट, करतारपुर साहिब कॉरिडोर का खुलना, हम सभी के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है। गुरु नानक देव जी, सिर्फ सिख पंथ की, भारत की ही धरोहर नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा पुंज हैं। मैं आप सभी को, देश और दुनिया में बसे सभी सिख भाई-बहनों को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के अवसर पर हार्दिक बधाई देता हूं। उन्होंने आगे कहा, इस कॉरिडोर के बनने के बाद अब गुरुद्वारा दरबार साहब के दर्शन आसान हो जाएंगे। मैं पंजाब सरकार का, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का इस कॉरिडोर को तय समय में बनाने वाले हर श्रमिक साथी का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

करतारपुर केवल गुरुनानक देवजी की कर्मभूमि नहीं है बल्कि करतापुर के कण-कण में गुरुनानक देवजी के पसीने की महक मिली हुई है। उसकी वायु में उनकी वाणी घुली हुई है। कहते हैं शब्द हमेशा ऊर्जा बनकर वातावरण में विद्यमान रहते हैं. करतारपुर से मिली गुरुवाणी की ऊर्जा, सिर्फ हमारे सिख भाई-बहनों को ही नहीं बल्कि हर भारतवासी को अपना आशीर्वाद देगी। गरुनानक देवजी ने सीख दी है कि सच्चाई और ईमानदारी से किए गए विकास से हमेशा तरक्की और समृद्धि के रास्ते खुलते हैं। गरुनानक देवजी ने सीख दी है कि धन तो आता जाता रहेगा पर सच्चे मूल्य हमेशा रहते हैं।

बीते 1 साल से देश और विदेश में कीर्तन, कथा, प्रभात फेरी, लंगर, जैसे आयोजनों के माध्यम से गुरु नानक देव की सीख का प्रचार किया जा रहा है। इससे पहले गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें प्रकाशोत्सव को भी इसी तरह भव्यता के साथ पूरी दुनिया में मनाया गया था। केंद्र सरकार ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसका लाभ दुनियाभर में बसे अनेक सिख परिवारों को हुआ है। कई सालों से, कुछ लोगों को भारत में आने पर जो दिक्कत थी, अब उन दिक्कतों को दूर कर दिया गया है।

भारत की एकता और भारत की रक्षा-सुरक्षा से लेकर, गुरुनानक देवजी से गुरु गोविंद जी तब हर गुरु साहब ने निरंतर प्रयास किए हैं, अनेक बलिदान दिए हैं। इसी परंपरा को आजादी की लड़ाई और आजाद भारत की रक्षा में सिख साथियों ने पूरी शक्ति से निभाया है। हमारी गुरु परंपरा, संत परंपरा, ऋषि परंपरा, ने अलग-अलग कालखंड में, अपने-अपने हिसाब से चुनौतियों से निपटने के रास्ते सुझाए हैं। उनके रास्ते जितने तब सार्थक थे, उतने ही आज भी अहम हैं। राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय चेतना के प्रति हर संत, हर गुरु का आग्रह रहा हैं।

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