नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते इनके दाम आसमान छूने लगे थे। इस बढती कीमतों का असर आम आदमी की जेब पर होने लगा था ।

पेट्रोल की कीमत 81 रुपये के पार पहुंच गई थी। वहीं डीजल की बात करें तो इसकी कीमत 70 का आंकड़ा पार कर चुकी थी। लेकिन फिल्हाद इन कीमतों में राहत मिलती नजर आ रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रही तेजी पर ब्रेक लग गया है। कच्चे तेल में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।विशेषज्ञों का का कहना है कि इसकी कीमतें 62 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती है।

डीजल की बात करें तो 6 फरवरी को जहां एक लीटर डीजल 68.39 के स्तर पर था, वही 81.24 रुपये का मिल रहा था।

सोमवार को डीजल की कीमत 67.75 रुपये प्रति लीटर पर हो गई है, वही  पेट्रोल के दाम 80.87 पर पहुंच गए है। उम्मीद है कि आगे भी ये राहत मिलती रहेगी।

विशेषज्ञों के मुताबिक यूएस में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ा है. वहीं, दुनियाभर में इसकी डिमांड घटी है। यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं।

इससे कच्चे तेल के 80 डॉलर के पार पहुंचने का खतरा भी कम हो गया है. इसके साथ ही यह मोदी सरकार को अपनी बैलेंस शीट सुधारने का मौका भी देगा.

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