Breaking News

टीनएजर लड़कों को किस तरह अनुशासित करे

Posted on: 14 Jun 2018 06:53 by shilpa
टीनएजर लड़कों को किस तरह अनुशासित  करे

नई दिल्ली: अगर आप समज रहे है की आमतौर पर टीनएज लडकियों के माता-पिता ज्यादा चिंतित रहते है तो ये सही नही है अब का दौर ऐसा है की पेरेंट्स को टीनएज लड्कों की भी चिंता होने लगी है। खासतौर पर इस ऐज के बच्चों के लिए बहुत सावधानी रखनी होती है .क्योकि इस उम्र में बच्चे गलत चीजों की और ज्यादा आकर्षित होते है । माता-पिता की छोटी सी लापरवाही भी टीनएज लड़कों के  लिए बड़ी परेशानी बन सकती है।

यह अक्सर देखा जाता है की जब बच्चा टीनएज में होता है तो वह अपने माता पिता से हर बात के लिए बहस करता है और उनके हर फैसले का विरोध करता है। इतनाही नहीं वो बातबात पर घुस्सा करने लगता है । जो बच्चा पहिले आप की हर एक बात सुनता था अब कोई बात नही सुनेगा।  वो धीरेधीरे आपसे भी दूरी बनाएगा, और अक्सर अकेला रहना पसंद करेगा।

माता पिता को ऐसे में क्या करना चाहिए?
जब तक आप बच्चे के स्वभाव को स्वीकार नहीं करेंगे तब तक बच्चे के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आएगा। इस स्थिति  में माता पिता को एक बात को समझना पड़ेगा की बच्चा अब छोटा नहीं रह गया है और आपको उसके वक्तव्य को भी सुनना पड़ेगा अन्यथा यह समस्या कभी खतम नहीं होगी। आप ये मान के चले की यह स्थिति ज्यादा दिनोतक रहनेवाली नही है आप को उसकी बातो को ध्यान से सुनना पड़ेगा जब वो आपके प्यार और कंसर्न को समज जाता है फिर वो आपकी हर बात सुनेगा।  आप उसकी समस्याओं का हल उसके साथ मिलकर करें पहले उसकी बात को सुने और फिर किसी निष्कर्ष पर पहुंचे। आपको अपने बच्चे के साथ उसकी उम्र के अनुसार व्यवहार करना होगा अन्यथा परेशानिया कभी खत्म नही होगी।

बच्चे को उत्साहित करे ,उसकी तारीफ करे
आप को यह समझना होगा की अब बच्चा अपनी उम्र के उस पड़ाव पर है जहा उसे कई प्रकार की समस्याओं का सामना अकेले ही करना होगा ऐसे में अगर आप हमेशा उसे रोकेंगे तो वह अपने जीवन में कुछ कर नहीं पाएगा।अगर आपका बच्चा कोई निर्णय ले रहा है तो आपको उसकी तारीफ करनी चाहिए ताकि बच्चे का प्रोत्साहन बढे, जब आप उसकी तारीफ करेंगे तो वो आपसे आगे भी सलाह लेगा और आपको मित्र की तरह सारी बातें बताएंगे लेकिन अगर आप इस तरह से व्यवहार नही करेंगे तो बच्चा निराश हो जाता है और कभी आपसे बाते शेयर नही करेगा

दूसरों से सलाह ना लें।

हर बच्चा अपने आप में अलग है और सबके गुण और अवगुण अलग है। अपने बच्चे को कभी भी किसी और बच्चे से तुलनात्मक दृष्टि से ना देखें देखने में आता है माँ-बाप हमेशा बच्चे के रिजल्ट्स ,सब्जेक्ट्स और उसके करिअर के बारे में दुसरोंसे चर्चा करते रहते है जो बच्चों को पसंद नही आता और वो हीन भावना से ग्रस्त हो जाते है।  बच्चे को बेशक सुधरने जरूरत होती है पर  अगर यह सलाह उन्हें कोई और व्यक्ति देगा तो यह बच्चे की मानसिक स्तिथि पर भी गलत प्रभाव डालेगा। कोशिश करे कभीभी बच्चों के आत्मसन्मान को ठेस ना पहुंचे।

बच्चों के साथ उत्साहित महसूस करें
इस उम्र के बच्चों में गजब का उत्साह रहता है और वो उन सभी बातों की और आकर्षित होते है जो उन्हें रोमांचक लगती है ,ऐसे में आप उनकी बातों में रस नही लेंगे तो वो आपसे कटना शुरू होंगे और गलत रास्तों पर चले जायेंगे । ऐसे में ये  आपकी जिम्मेदारी है आप उनकी बाते सुने और उनसे दोस्तोंकी तरह बाते करे इससे वो आपके करीब आएगा .आप अगर चाहें तो अपने बच्चे को खेलों की तरफ आकर्षित कर सकते है ताकि उनका ध्यान गलत बातों में ना जाए और वह शारीरिक रूप से भी प्रबल रहे।

लड़कियों से कैसा व्यवहार करना चाहिए, ये बताएं…
अधिकतर लोग शिष्टाचार शिक्षा सिर्फ लड़कियों को ही देते हैं, लेकिन अब बदलते समय में ये शिक्षा लड़कों को भी देनी चाहिए। खासतौर पर लड़कों को बताएं कि लड़कियों से कैसा व्यवहार करना चाहिए। ये भी बताएं कि कभी भी किसी लड़की का अपमान नही करना चाहिए।

गलती कबूल करना सिखाएं
सभी बच्चे गलती करते हैं, लेकिन खुद की गलती बहुत कम लोग मानते हैं। टीनएज बच्चों को खुद की गलती कबूल करना सिखाएं, ताकि भविष्य में वे गलत काम करने से बच सकें .साथ हि उनको सही गलत लोगों के बारे में समजाए क्योंकि टीनएजर बच्चे बहुत जल्दी गलत लोगोंकी संगती में फंस जाते है

आजादी दे लेकिन एक हद तक

आजकल बच्चों को आजादी चाहिए, वे नहीं चाहते कि उन्हें किसी भी काम में कोई रोके, अपने कामों में किसी ओर दखल पसंद नहीं करते हैं, यहां तक कि माता-पिता के नियम भी उन्हें बुरे लगते हैं। ऐसे में माता-पिता को उन्हें प्रेम से सही-गलत बातों को समझाना चाहिए। आजादी दें, लेकिन इसका गलत फायदा न उठाने दें।

हम आशा करते है यह जानकारी आपके लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई होगी

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com