पचोर नगर में अपहरण की घटना, प्रशासन सुस्त

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crime girl

पचोर नगर में अपहरण की बड़ी घटना आज घटित हुई. शीतला माता कॉलोनी में स्थित शासकीय विद्यालय में बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे।उसी समय एक नई सी दिखने वाली बोलेरों वाहन वहां आई. जिसमें चार लोग सवार थे।बच्चे जब तक खेलते रहे ये लोग वही खड़े रहे।क्रिकेट खेल कर जैसे ही बच्चे निकले तभी अंत मे मयूर पिता गोपाल सोनी अपने मित्र के साथ घर लौट रहा था।बोलेरों सवार लोगो ने उसको बुलाकर रामसिंह जाटव का पता उस से पूछा।उसने कहा मुझे नहीं पता।तभी उसके दोस्त ने कहा मेरा घर से कॉल आ रहा हैं।पापा के साथ मे गाँव जाऊँगा में निकलता हूँ।ऐसा कहकर मयूर का मित्र निकल गया।तभी उन बदमाशों ने मयूर से पूछा तुम कहाँ रहते हो।

उसने कहा में इंद्रपुरी में रहता हूँ तो कहने लगे चलो हम छोड़ देते हैं।मयूर ने इंकार कर दिया कि मेरे पैर हैं में चला जाऊँगा।तभी दो बदमाशों ने मयूर को उठाकर जबरजस्ती गाड़ी में बैठा लिया।मयूर के सर को नीचे झुकाकर उसे ले गए।वो पूर्णतः भयभीत था।उसे कट्टा अड़ाकर डराया भी गया।बदमाशों ने नगर को पार करके बोड़ा नाके पर गाड़ी रोकी और कुछ सामान लेने गाड़ी से उतरे तभी मयूर ने तेज गति से गाड़ी का लॉक खोल कर के दौड़ लगा दी।मयूर मैला ग्राउंड से दौड़कर बाजार के रास्ते घर पहुंचा।बदमाशों ने कुछ दूरी तक उसका पीछा किया।लेकिन मयूर बचकर निकलने में कामयाब हो गया।घर पर घबराते हुए उसने परिजनों को पूरी घटना से अवगत कराया।

घटना सुनकर मयूर के पिता गोपाल सोनी मयूर को लेकर थाने पहुँचे लेकिन पुलिस प्रशासन का रवैया बेहद असहयोगात्मक था।किसी ने मयूर की व उसके पिता की बात न सुनी।उल्टा मयूर पर झूठ बोलने का आरोप मड़ते रहे।मुझे भी मयूर के परिजनों ने फोन पर सूचना दी तब में थाने में पहुँचा।कुछ पत्रकार साथियों और राजनीतिक लोगो के हस्तक्षेप के बाद बैंक ऑफ इंडिया से सीसीटीवी फुटेज निकाले गए।जिसमें 12 बजकर 09 मिनिट पर एक संदिग्ध बोलेरो दिखाई दी किंतु नम्बर की पुष्टि न हो सकी।मयूर को प्रशासन ने 3 बार सम्पूर्ण घटना स्थल पर घुमाया और हर बार उसपर दबाव बनाया की वह झूठ बोल रहा हैं।सोचने का विषय यह है कि बालक झूठ क्यों बोलेगा उसे क्या लाभ?

मयूर ने बताया कि मुझे जबरन गाड़ी में बैठाया गया और अपहरणकर्ता जिस भाषा मे बात कर रहे थे वह समझ से बाहर थी उसने बताया कि दक्षिण भारत जैसी बोली बदमाश बोल रहे थे।

पुलिस के इसी रवैये की वजह से बदमाश भागने में कामयाब ही गए।यदि उसी समय चारों तरफ नाके बन्दी करवा दी जाती तो शायद बदमाशों को पकड़ने में कामयाबी प्राप्त हो सकती थी।यह पचोर नगर के लिए गंभीर घटना है।पुलिस प्रशासन का ऐसा रवैया पुलिस पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा हैं।व्यक्ति किस से न्याय की अपेक्षा करेगा यदि रक्षक ही भक्षक बनने लगे।

1 जुलाई से नगर में विद्यालय प्रारंभ हो जाएंगे बच्चे स्कूल व कोचिंग जाएंगे।ऐसे में उनकी सुरक्षा की क्या जवाबदेही सुनिश्चित होंगी।मयूर के ऊपर सभी तरह के दबावो के बाद मयूर अपनी बात पर कायम है तो क्यों पुलिस ने प्रकरण कायम नहीं किया।ये नगर के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य हैं कि नगर में जवाबदेही तय हो।आज जो मयूर के साथ हुआ वो आपके साथ भी हो सकता हैं।सतर्क रहें सजक रहे।अपने बच्चों की सुरक्षा तय करे।लापरवाही में कहीं हम अपने बच्चे न खो दे। देर रात पुलिस ने उक्त घटना पर कायमी की।लेकिन शायद देर ज्यादा हो गई थी।

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