महाराजा शिवाजीराव विद्यालय के भूतपूर्व छात्रों,साथियों की आवाज, स्कूल को हम कहीं भी शिफ्ट नहीं होने देंगे

0
16
maharaja-school

पूण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होळकर की कर्मभूमि पुण्यपावन,संस्कारधानी हमारे हर नजरिये से शानदार इंदौर शहर के प्राचीन और एक जमाने मे लम्बे अर्से तक विभिन्न क्षेत्रों में असामान्य उल्लेखनीय योगदान देनेवाले अपने हजारो विलक्षण प्रतिभासंपन्न छात्रों की वजह से देशभर में मशहूर रहे ऐतिहासिक धरोहर गौरवमयी महाराजा शिवाजीराव विद्यालय की जगह एनएनसी कार्यालय शिफ्ट करने कार्यवाही की खबर से मैं बेहद आहत हुवा हूं। उसकी खास वजह यह कि इसी विद्यालय के शिक्षकों से पायी शिक्षा व संस्कारो से मेरा आज वजूद है। यही विद्यालय
मेरे जिंदगी का टर्निग पॉइंट रहा है।

आज से कोई 48-49 साल पहले (1968 – 69 मे) ग्यारवी कक्षा का विद्यार्थी रहते इसी विद्यालय के छात्र संघ का सचिव निर्वाचित हुवा था। तब प्रदेश में स्व.श्यामाचरण शुक्ल की कांग्रेस सरकार थी।और ये विद्यालय महाराजा शिवाजीराव जूनियर कॉलेज था।

बस यहीं से मेरा सार्वजनिक जीवन शुरू हुवा। यहीं पर हमारे समय अंग्रेजी भाषा के खिलाफ बहुचर्चित छात्र आन्दोलन हुवा था। कई अविस्मरणीय घटनाए हुई यहा पर। ढेरो उठापटक हुई।उस समय वीरेंद्र नानावटी, कमलेश पारे, गिरीश शर्मा” आदित्य,स्वर्गीय प्रकाश पुरोहित जैसे जानेमाने वक्ताओ ने विद्यालय का नाम रोशन किया था।

बहरहाल मेरा इस पोस्ट के जरिये उन पूर्व छात्रों से विनम्रतापूर्वक अनुरोध है कि जो इस विद्यालय के छात्र संघ के पदाधिकारी रहे वे अपना मोबाईल(वाट्सअप) नम्बर मुझे भेजने का कष्ट अविलम्ब करे। इस पवित्र सरस्वती मंदिर को बचाने के लिये किये जानेवाले हर संभव प्रयास में,संघर्ष में मैं एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में दिलो-जान से सहयोग देने के लिये तत्पर हूँ।

मैं अकेला और एक अराजनैतिक व्यक्ति हूं। टेंशन फ्री हूँ। समय आने पर अमरण अनशन पर बैठ सकता हूँ, इस विद्यालय को, ऐतिहासिक विरासत को बचाने के लिए। इसे कोई मेरा पब्लिसिटी स्टंट नही समझे।क्योंकि कि ये मेरा फर्ज बनता है। सभी पूर्व छात्रों से अपील है कि इस लड़ाई में जो नेतृत्व कर रहे है उन्हें पूरा सहयोग देवे।एकजुट हो जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here