Breaking News

ऑर्डर देते हैं डाक से, दुल्हन मंगाते हैं, बैंकाक से यहां होता है दुल्हनों का व्यापार

Posted on: 28 Jan 2019 11:38 by Ravindra Singh Rana
ऑर्डर देते हैं डाक से, दुल्हन मंगाते हैं, बैंकाक से यहां होता है दुल्हनों का व्यापार

योगेंद्र बाली

आज आप यदि बैंकाक में किसी जानकार से पूछें और उसे आप पर विश्वास हो तो आपको अपने इस सवाल का जवाब तुरंत मिल जायेगा कि, ‘आज थाईलैड का सबसे तुरंत और अधिक मुनाफे वाला व्यापार कौन सा है? जवाब सुनते ही आप चौंक जायेंगे, क्योंकि जवाब मिलेगा, ‘दुल्हनों का व्यापार।’ आप हैरान होकर पूछेंगे, ‘दुल्हनों का व्यापार? क्यों जी, क्या यहां बैंकाक में या थाईलैंड के किसी और नगर में दुल्हनों का कोई बाजार लगता है? क्या दुकानें हैं दुल्हनों की? कहीं दुल्हनों के व्यापार का इशारा थाईलैंड में बढ़ती हुई वैश्यावृत्ति की ओर तो नहीं, जिससे थाईलैंड और सारे संसार के स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं।’

जानकार लोग आप पर हसेंगे और बतायेंगे, ‘अरे साहब, व्यापार का मतलब है शुद्ध, आधुनिक, उपभोक्ता आवश्यकता तथा मांग आधारित व्यापार, इसक बाजार और दुकानें नहीं हैं, यह प्रात: मेल ‘ऑर्डर’ यानी ‘डाक व्यापार’ है, जहां दुल्हनों के नमूने और सूचीपत्र भी डाक द्वारा भेजे जाते हैं और दुल्हनें भी बस समझ लीजिए डाक द्वारा ही ‘ग्राहक’ पतियों के पास भेजी जाती हैं। नमूने के रूप में दुल्हन। व्यापार संस्थाओं में पंजीकृत दुल्हनों के बारे में शारीरिक शैक्षणिक तथा आचार-संहिता संबंधी जानकारी का वीडियो टेप तैयार कर ग्राहक के पस भेजा जाता है और वह उसमें अपनी पसंद की दुल्हन को छांट कर डाक से ऑर्डर भेज देता है। साथ ही उस दुल्हन को होने वाले पिया के घर पहुंचाने तथा वीसा आदि पर खर्च तथा दुल्हन के लिए नये कपड़े, जेवर तथा सौंदर्य प्रसाधनों के लिए कुल मिलाकर अपने देश की मुद्रा में लगभग लाख, सवा लाख रुपए की रकम भेजनी पड़ती है। अगर दुल्हन का ऑर्डर थाईलैंड से ही आया हो तो इससे आधी रकम में ही काम चल जाता है, क्योंकि विदेशों को निर्यात होने वाली दुल्हनों का हवाई जहाज द्वारा थाईलैंड से अपने पति के देश तक यात्रा के टिकट का खर्च भी उसमें शामिल होता है।

मान लीजिए दुल्हन का ‘ऑर्डर’ फ्रांस में पेरिस से, जर्मनी में बर्लिन से आया है तो बैंंकाक से पेरिस या बर्लिन तक की हवाई यात्रा के खर्च को मिलाकर विवाह के इच्छुक जर्मन को डाक से अपनी थाई बहू मंगाने की मद में लगभग १२ हजार मार्क का खर्च पड़ेगा, इसमें भावी दुल्हन का डॉक्टरी मुआइना करवा कर उसके पूर्णतया रोगमुक्त होने का प्रमाणपत्र दिलवाने, पासपोर्ट और वीसा तैयार करवाने और टिकिट खरीदकर उसे हवाई जहाज पर चढ़ाने का सारा खर्च भी शामिल रहता है।

एक अनुमान के अनुसार इस वर्ष थाईलैंड के दुल्हन व्यापारियों ने जर्मनी को इस डाक-दुल्हन व्यापार के बल पर 10,000 से अधिक थाई दुल्हनें भेजी हैं और उनका ख्याल है कि अगले वर्ष इस डाक-व्यापार द्वारा थाईलैंड से जर्मनी को निर्यात होने वाली दुल्हनों की संख्या 20,000 से ऊपर हो जायेगी। संसार के अन्य देशों, विशेषकर यूरोप तथा मध्य एशिया के अमीर अरब देशों में उनकी भावी मांग के अनुसार इन दुल्हनों की विश्वव्यापी मांग लगभग 50,000 और कुल दुल्हन व्यापार की आमदनी लगभग पांच अरब रुपए हो जायेगी।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com