इस गांव की है यह खासियत, कोई नहीं करता यहां धूम्रपान

0
28
cigrate

हरियाणा : एक ऐसा ही गांव जहां कोई भी धूम्रपान नहीं करता, बुजुर्ग हो या जवान हर कोई बीड़ी-सिगरेट, पान-मसाला से दूर रहता है। वैसे तो सिगरेट न्यू जनरेशन के लिए लाइफस्टाइल बन चुकी हैं। जिसकों पीने से नुकसान होता है लेकिन फिर भी हर कोई इसको मजे से पिता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बता रहे हैं जहां एक भी व्यक्ति सिगरेट, तम्बाकू और पान मसाले का सेवन नहीं करता है।

इस गांव में कोई भी गलत आदत नहीं रखता। जी हां यह एक चौका देने वाली बात है कि ऐसी भी कोई जगह है जहां पर कोई भी इंसान सिगरेट, तम्बाकू का इस्तेमाल नहीं करता है। ये गांव दुनियाभर के लिए आदर्श माना जाता है। हम बात कर रहे है एक ऐसे गांव की जिसका नाम टिकला जो की हरियाणा के अंतिम छोर पर बसा राजस्थान से सटा छोटा सा गांव हैं। इस गांव में सालों से ही धूम्रपान का सेवन ना करने की परंपरा चलती आ रही है जो अब तक कायम है।

इस गांव की जनसँख्या करीब 1500 लोगों की है। भले ही ये गांव छोटा हो लेकिन फिर भी यहाँ का एक भी व्यक्ति धूम्रपान और तम्बाकू से बने किसी भी उत्पाद का सेवन नहीं करता है। हैरानी वाली बात तो ये है कि गांव में अगर कोई बाहरी व्यक्ति भी आता है तो पहले उसकी तलाशी की जाती है और उससे पूछा जाता है कि उसके पास सिगरेट, तम्बाकू आदि जैसे कोई सामान तो नहीं है इसके बाद ही उसे गांव में प्रवेश मिलता है।

रेवाड़ी मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर इस गांव में जब वहां कोई भी व्यक्ति जाता है तो अंजान चेहरा देख ग्रामीण उनसे पूछते है जेब में कोई तंबाकू उत्पाद आदि तो नहीं है उसके बाद ही गांव में अंदर जाने की अनुमति मिलती है। इस गांव में हर एक इंसान खुश रहता हैं। आप भी ये ही सोच रहे होंगे कि आखिर आखिर इस गांव में धूम्रपान करना मना क्यों है।

दरअसल गांव में बाबा भगवानदास का मंदिर और उनकी समाधी बनी हुईं है। बाबा भगवानदास शुरुआत से ही तम्बाकू और उससे बने सभी उत्पादों का बहिष्कार करते थे। बाबा द्वारा कई चमत्कार भी किये गए है जिसके बाद उनके प्रति आस्था लोगो में और ज्यादा बढ़ गई। गांव और उसके आसपास के भी अन्य क्षेत्रों ने इस परंपरा को कायम रखते हुए तम्बाकू का सेवन करना छोड़ दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here