लोकल से व्होकल की ओर बढ़ता देश का नम्बर वन स्वच्छ शहर

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इंदौर, 5 दिसम्बर। लोकल से व्होकल की ओर देश को ले जाने की पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने की है। इस पहल का व्यापक असर हुआ है। लोग स्वदेशी उत्पादनों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। आज की उच्च शिक्षित पीढ़ी भी लोकर से व्होकल की ओर अग्रसर हो रही है। उसी श्रंृखला को आगे बढ़ाते हुए कोरोना काल में भी शिक्षित युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने की शुरुआत 6 दिसम्बर रविवार को स्वच्छता में चार बार नम्बर वन का खिताब हासिल करने और पांचवी बार पंच लगाने की ओर अग्रसर इंदौर में हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी के लोकल से व्होकल मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प इन्दौर की युवा आर्टिस्ट यशस्वी संघवी ने लिया है, जिसके तहत स्वदेशी आर्ट पेपर के माध्यम से युवतियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और कला के क्षेत्र में अवसर दिए जाएंगे। देश-दुनिया में भारत की कला का कोई जोड़ नहीं है।

मनीषपुरी कालोनी में रविवार से अनु आर्ट एंड क्राफ्ट स्टूडियो का शुभारंभ होने जा रहा है। स्टूडियो की संचालिका यशस्वी संघवी ने बताया कि भारतीय कला सदियों पुरानी है और आज भी बेजोड़ और अनमोल है। संस्थान में युवतियों को 70 से अधिक उत्पादों की श्रंृखला का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी उत्पाद कागज से निर्मित हैं। लोकल से व्होकल अभियान को प्रेरणा बनाकर काम कर रही संस्था आई क्राफ्ट के उत्पाद यहां पर उपलब्ध हैं। अब तक हुए अनेक शिक्षण संस्थानों, क्लबों के अलावा जन्मदिन और किटी पार्टियों में महिलाओं को आर्ट कला से जुड़कर स्वदेशी उत्पादनों के बारे में बता चुकी हैं। कोरोना काल में भी ऑनलाइन माध्यम से घर में बैठी महिलाओं और युवतियों को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से कई ने इस कला को अपनाकर अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर दिया है। यशस्वी संघवी इन्दौर की युवा आर्टिस्ट है और देश की पहली क्राफ्ट मैग्जीन अपर आइडिया बुक में भी काम कर चुकी है। इस मैग्जीन के लिए 13 विदेशी और भारतीय के रूप में यशस्वी को चुना गया था।

 

यशस्वी ने बताया कि उन्हें इस कला की प्रेरणा उनकी माँ जया संघवी से मिली। छठवीं कक्षा में उन्हें चित्रकारिता में पहला स्वर्ण पदक मिल चुका है। 11वीं क्लास से उन्होंने इस कला को अपनाया और इसके लिए बैंकॉक, जर्मनी आदि देशों में भी प्रशिक्षण लिया और कार्यशालाएं की है।इस मौके पर इंदौर सांसद शंकर ललवानी जी भी मौजूदा रहे।