Breaking News

अब शरद की सांसदी पर ही पड़ गया जूता | Now the shoe fall on ‘MP Sharad’

Posted on: 18 Apr 2019 16:06 by rubi panchal
अब शरद की सांसदी पर ही पड़ गया जूता | Now the shoe fall on ‘MP Sharad’

जूते चलाने वाले सांसद याद हैं आपको। शायद हां, वही शरद त्रिपाठी, यूपी के संत कबीरनगर के सांसद। बीते महीने अपने ही क्षेत्र के एक विधायक पर जूता चलाते उनके वीडियो और फोटो जमकर वाइरल हुए थे। उसके बाद से ही लगने लगा था कि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देगी। भले ही बतौर सांसद उनका कामकाज बढ़िया रहा हो या उनके पिता यूपी भाजपा के अध्यक्ष रहे हों। पार्टी ने बड़ी देर से ही सही उनका टिकट काटकर प्रदीप निषाद को दे दिया है। साथ में त्रिपाठी कुल को व्यस्त रखने के लिए उनके पिता रमापति राम त्रिपाठी को देवरिया सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।

दरअसल, मार्च की शुरुआत में संत कबीरनगर लोकसभा क्षेत्र में आने वाले मेहदावल विधानसभा क्षेत्र के विधायक राकेश सिंह के साथ जिला योजना समिति की बैठख के दौरान हाथापाई हो गई थी। इतना ही नहीं उन्होंने जूता निकालकर विधायक की पिटाई कर डाली थी। इसके बाद दोनों के समर्थकों में भी खासी जूतमपैजार मची थी। साथ में ढेर सारी कुर्सियां भी तोड़़ डाली थी। उस आयोजन में भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र पांडेय भी आमंत्रित थे। उनके आने से पहले स्थानीय नेताओं के भाषण चल रहे थे।

उसी दौरान विधायक समर्थकों ने शरद त्रिपाठी मुर्दाबाद के नारे लगाना प्रारंभ कर दिया और बात बिगड़ गई। चुनाव के ठीक पहले हुई इस घटना ने त्रिपाठी की छवि पूरी तरह नेस्तनाबूत कर दी और उनके टिकट की दावेदारी ही खत्म कर दी। अन्यथा उन्हें श्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से नवाजा जा चुका था और दिल्ली में अपर प्रोफाइल में उनका आना-जाना था, क्योंकि उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी उच्च स्तरीय रही है। तमाम व्यक्तिगत आकर्षण के बाद भी एक बार का गुस्सा सबकुछ उड़ा ले गया।

दरअसल, जिस इलाके से उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ना था, वहां ठाकुरों के वोट भी प्रभावी संख्या में है। लिहाजा भाजपा ने एक-एक सीट जीतने की जद्दोजहद के चलते उन्हें चुनाव लड़ाने की रिस्क नहीं ली। उनके पिता का भी नाम यहां से चला था, लेकिन चेहहरा बदलने से नाराजगी  खत्म तो नहीं होती। इसके चलते उन्हें देवरिया से चुनाव लड़ाया जा रहा है।

Read more : हेमामालिनी का मेकअप और मथुरा के बंदर

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com