अब सुधार लें अपना जनरल नाॅलेज, क्योंकि देश में राज्यों की संख्या में हो गया फेरबदल

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नई दिल्ली। देश के इतिहास में 31 अक्टूबर का दिन बेहद ही खास है। इतिहास में दो और केंद्र शासित राज्य 31 अक्टूबर को दर्ज हो गए हैं। केंद्र सरकार ने 72 साल पुराना इतिहास बदलकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से अनुच्छेद-370 और 35ए को हटा दिया है। इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले 150 से ज्यादा पुराने कानून खत्म कर दिए गए हैं, जबकि 100 से ज्यादा नए कानून लागू किए गए हैं। इससे दोनों केंद्र शासित राज्यों को अन्य राज्यों के तरह लाभ मिलेगा। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 के मुताबिक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश में बंट गए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार देर रात इसकी अधिसूचना जारी की। अब देश में 29 राज्य में घटकर 28 राज्य रह जाएंगे, जबकि केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।

यह पहली बार है जब किसी राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटा गया है। इधर, विभाजन के बाद 31 अक्टूबर की सुबह राधा कृष्ण माथुर ने लद्दाख के उपराज्यपाल पद की शपथ ली। इस तरह वह केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के पहले उपराज्यपाल बने। उमंग नरुला को उनका सलाहकार बनाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नए कानून के हिसाब से अब दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में रणबीर कानून की जगह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और क्रिमिनल प्रोसिजर कोड (सीआरपीसी) की धाराएं लागू होंगी। नए जम्मू-कश्मीर में पुलिस व कानून-व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन होगी, जबकि भूमि व्यवस्था की देखरेख का जिम्मा निर्वाचित सरकार के तहत होगी। जम्मू-कश्मीर में सरकारी कामकाज की भाषा अब ऊर्दू नहीं हिंदी हो जाएगी।

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