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भाजपा के लिए आसान नहीं मिशन 29

Posted on: 12 Feb 2019 18:40 by Surbhi Bhawsar
भाजपा के लिए आसान नहीं मिशन 29

मुकेश तिवारी
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सत्ता के सेमीफाइनल में मध्यप्रदेश की सत्ता गंवा देने के बावजूद भाजपा ने सत्ता के फाइनल यानी लोकसभा चुनाव के लिए मिशन 29 तय किया है। वह प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतने के इरादे से मैदान में उतर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मिशन 29 का आगाज करने 15 फरवरी को नर्मदा के तट पर बसे होशंगाबाद में रैली करने आ रहे हैं। मिशन का आगाज तो हो रहा है पर यह फिलहाल आसान नजर नहीं आ रहा है।

भाजपा ने मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मोदी लहर पर सवार होकर 2014 में किया था। तब पार्टी ने 29 में से 27 सीटें जीती थी। केवल गुना और छिंदवाडा की सीट पर ही उसके उम्मीदवारों को पराजय का सामना करना पड़ा था। बाद में रतलाम-झाबुआ सीट पर उप-चुनाव हुआ था और भाजपा यह सीट हार गई थी। इस तरह फिलहाल उसके पास 29 में से लोकसभा की 26 सीटें है।

हाल में हुए विधानसभा चुनाव को देखा जाए तो 17 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा पर बढ़त बनाई थी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, सांसद राकेश सिंह भले यह कह रहे हैं कि विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव की स्थिति में बहुत अंतर होता है लेकिन हकीकत यह है कि आज के हालात में भाजपा के लिए मिशन 29 तय करना जितना आसान रहा होगा उतना ही कठिन इस मिशन को पूरा करना लगता है।

पिछले कई लोकसभा चुनाव से भाजपा मध्यप्रदेश की कई लोकसभा सीटों पर पुराने चेहरों को मौका देती आई है। वह चुनाव जीतते भी आए हैं लेकिन अब कई जगह इन चेहरों को बदलने की मांग दबे स्वर में ही सही उठने लगी है। कहीं-कहीं इसके पीछे वर्तमान सांसद की बढ़ती उम्र का भी हवाला दिया जा रहा है। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह का कहना है कि पुराने चेहरों को बदलने या नए चेहरों को मैदान में उतारने के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा। टिकट की मांग करना सबका अधिकार है। उम्र की सीमा ना पहले तय की गई थी और ना अब ऐसी कोई सीमा है।

विधानसभा चुनाव जीतने के बाद 15 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस मध्यप्रदेश में भाजपा के दिग्गजों और वर्तमान सांसदों को घेरने की रणनीति बनाने में जुटी है। इसके तहत वह दिग्गजों के खिलाफ बड़े और युवा चेहरों को उतार सकती है। अगर ऐसा होता है तो भाजपा के लिए यह न केवल सिरदर्द साबित होगा बल्कि उसे मिशन 29 को पूरा करने में दिक्कत भी पेश आएगी। हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता का कहना है कि कांग्रेस अगर हमारे बड़े नेताओं को घेरने की फिराक में है तो हम भी उसके दिग्गजों के लिए कोई खुला मैदान छोड़ने वाले नहीं हैं।

लेखक Ghamasan.com के संपादक हैं।

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