Breaking News

लिव इन पार्टनर के साथ सहमति से संबंध बनाना बलात्कार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

Posted on: 03 Jan 2019 16:48 by Surbhi Bhawsar
लिव इन पार्टनर के साथ सहमति से संबंध बनाना बलात्कार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि लिव-इन पार्टनर के बीच सहमति से बना शारीरिक संबंध बलात्कार नहीं होता। कोर्ट ने साफ कहा कि इस संबंध के विफल होने और पुरुष के किन्‍हीं ऐसे कारणों से शादी से मुकर जाने के बाद उसके खिलाफ रेप का केस नहीं चल सकता, जिस पर उसका वश न हो। कोर्ट ने महाराष्ट्र की एक नर्स द्वारा एक डॉक्टर के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी याचिका पर यह बात कही।

कोर्ट ने साफ कहा, ‘ऐसे मामलों को शादी के वादे से मुकर जाने के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि शादी के झूठे वादे के रूप में।’ कोर्ट ने हाल ही में दिए अपने फैसले में कहा, ‘बलात्कार और सहमति से बनाए गए यौन संबंध के बीच स्पष्ट अंतर है।

Read More: ममता का मोदी पर हमला, BJP का विरोध करने पर एजेंसी का इस्तेमाल

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com