BSNL-MTNL के विलय पर लगी रोक, पीएमओ से रिवाइवल प्लान को मिली सैद्धांतिक मंजूरी

आर्थिक मुश्किेलों का सामना कर रही दूरसंचार कंपनियां बीएसएनएल और एमटीएनएल का केन्द्र सरकार विलय नहीं करेगी। हांलाकि इन कंपनियों को प्रधानमंत्री कार्यालय से रिवाइवल प्लान के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। बताया जा रहा है कि अब इन कंपनियों को देश भर में 4 जी सेवा शुरू करने के लिए लायसेंस प्रदान किया जाएगा।

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नई दिल्ली। आर्थिक मुश्किेलों का सामना कर रही दूरसंचार कंपनियां बीएसएनएल और एमटीएनएल का केन्द्र सरकार विलय नहीं करेगी। हांलाकि इन कंपनियों को प्रधानमंत्री कार्यालय से रिवाइवल प्लान के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। बताया जा रहा है कि अब इन कंपनियों को देश भर में 4 जी सेवा शुरू करने के लिए लायसेंस प्रदान किया जाएगा। जिससें इन कंपनियों की वित्तीय हलत सुधरने की उम्मीद जताई जा रही है।

वीआरएस को लेकर भी बनेगा प्लान

मंगलवार को हुई हाईलेवल बैठक में फैसला लिया गया है कि दोनों कंपनियों द्वारा वीआरएस के लिए प्लान तैयार किया जाएगा। साथ ही इनके कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र को घटाकर के 58 साल किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों की संख्या में कटौती हो सके।

वहीं पीएमओ द्वारा विलय, लोन और संपत्तियों को बेचने के प्रस्ताव को लेकर स्पेशल पर्पज व्हीकल को खड़ा करने के फैसले को टाल दिया है। हालांकि दोनों कंपनियों को संपत्तियों को बेचने या फिर किराये पर देने के एक संयुक्त कमेटी बनाने को मंजूरी दी गई है। जानकारी के अनुसार इस कमेटी में बीएसएनएल, दूरसंचार विभाग और विनिवेश विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। अब इन सभी प्रस्तावों को कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

बता दे कि बीएसएनएस पार फिलहाल 14 हजार करोड़ की देनदारी है। वहीं कपनी को वित्त वर्ष 2017-18 में 31 हजार 287 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा था। वर्तमान में कंपनी में 1.76 लाख कर्मचारी कार्यतर हैं। अनुमान है कि वाआरएस देने के बाद कंपनी में कम्रचारियों की संख्यां आगामी पांच सालों में 75 हजार रह जाएगी।

एमटीएनएल में कार्यरत 22 हजार कर्मचारी

इधर, एमटीएनएल पर 19 हजार करोड़ रुपए उधार है। कंपनी की 90 फीसदी आय कर्मचारियों की सैलरी देने में खर्च होती है। कंपनी में फिलहाल 22 हजार कर्मचारी कार्यरत है। वहीं अगले 6 साल में कंपनी के करीब 16 हजार कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे।

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