लाखों बच्चों के साथ खिलवाड़, NEET में जीरो नंबर लाने वाले 400 बच्चों को मिला MBBS में एडमिशन

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Some MBBS students got zero or less in NEET papers.

MBBS में एडमिशन लेने के लिए नेशनल एंट्रेस एलिजिबिलिटी टेस्ट क्लियर करना जरुरी होता है। यदि हम आपसे कहे कि कोई इस टेस्ट में जीरो नंबर लाकर भी MBBS में एडमिशन ले सकता है, तो शायद आप यकीन नहीं करेंगे। लेकिन हाल ही में आए NEET के नतीजों के बाद ये चौंकाने वाली खबर सामने आई है।Image result for Some MBBS students got zero or less in NEET papers.

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इस परीक्षा को देने वाले करीब 400 छात्र ऐसे है जिन्हें फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बायोलॉजी में सिंगल डिजिट में नंबर आए हैं। इनमें 110 छात्र तो ऐसे हैं, जिनके जीरो या माइनस मार्किंग में नंबर आए है। लेकिन इसके बाद भी इन्हें एमबीबीएस में एडमिशन मिल गया है। हालांकि एडमिशन देने वाले प्राइवेट कॉलेज हैं.Related image

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एडमिशन के बाद इस प्रक्रिया पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। कहा जा रहा है कि यदि परीक्षार्थियों को इन विषयों में जीरो नंबर मिलने के बावजूद एडमिशन मिलता है तो फिर टेस्ट देने की जरूरत ही क्या है?Image result for Some MBBS students got zero or less in NEET papers.

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नियमों की बात की जाए तो MBBS में एडमिशन के लिए इस परीक्षा में परीक्षार्थी को सभी सब्जेक्ट में कम से कम 50 फीसदी स्कोर करना जरूरी है। इसके बाद नियमों में बदलाव हुआ, इसमें पर्सेंटाइल सिस्टम को अपनाया गया. इसमें हर विषय में अनिवार्य नंबर की बाध्यता खत्म कर दी गई. इसका दुष्परिणाम अब सामने दिख रहा है।

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