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राजनीति में सादगी की मिसाल हैं जालम सिंह | Narsinghpur MLA Jalam Singh’s Birthday

Posted on: 10 Mar 2019 12:57 by Surbhi Bhawsar
राजनीति में सादगी की मिसाल हैं जालम सिंह | Narsinghpur MLA Jalam Singh’s Birthday

नीरज राठौर

नरसिंहपुर विधायक के जन्मदिवस पर विशेष

भोपाल। राजनीति में रहकर भी अनेक व्यसनों से दूर रह कर कर्म ही पूजा के सिद्धांत पर चलने वाले लोग बहुत कम मिलते हैं। मध्यप्रदेश भाजपा के कद्दावर नेता प्रहलाद पटेल और उनके छोटे भाई जालम सिंह पटेल उनमें शमिल हैं। नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव के निवासी यह जोड़ी अपनी जमीन और अपने क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के कारण ही जनता के चहेती बनी हुई है। एक सांसद हैं तो दूसरे विधायक जालम सिंह पटेल, शिवराज ङ्क्षसह चौहान मंत्रिमंडल में शामिल होकर प्रदेश के आयुष तथा ग्रामोद्योग विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भी संभाल चुके हैं। नरसिंहपुर से तीसरी बार विधायक हैं और अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, भाई के साथ ही श्रीश्री बाबाश्री और मां नर्मदा की कृपा को देते हैं। उन्होंने किसान के बेटे से एक मंत्री तक का सफर सफलता पूर्वक पूर्ण किया है।

जालम सिंह को क्षेत्र में मुन्ना भैया या छोटे भैया के नाम से जाना जाता है। इनका जन्म नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में 10 मार्च 1964 को प्रसिद्ध समाज सेवी व किसान श्री मुलायम सिंह जी पटेल के घर हुआ। वे कुल तीन भाई हैं। बचपन से ही पारिवारिक पृष्ठिभूमि के चलते कृषि कार्यों में इनकी बहुत दिलचस्पी रही। पिता जी द्वारा सभी विघाओं में पारंगत कराने का संकल्प भी पूरा हुआ तथा अपने दो भाइयों के साथ ही इनहे सभी प्रकार की शिक्षा उपलब्ध हुई। समाज सेवी, क्रांतिकारी व परोपकारी विचारों में ओतप्रोत श्री पटेल क्षेत्र में अपनी पृथक पहचान बना चुके हैं। जबलपुर स्थित प्रसिद्ध सांइस कालेज से उन्होने अपनी शिक्षा पूरी की तथा बीएससी की उपाधि हासिल की। छात्र जीवन से ही खेलकूद में अत्याधिक रूचि लेने के कारण खेलजगत से उनका बहुत आत्मीय रिश्ता रहा।

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वे स्वंय वालीबाल, क्रिकेट, कबड्डी, खो-खो, फुटबाल, हाकी, भाला फेक, चकती फेंक, ऊॅची कूद आदि में स्कूल, कालेज, यूनिवर्सिटी एवं जिले व संभाग का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अखिल भारत स्तरीय खेलकूद प्रतियोगितायें जो कि सहयोग क्रीड़ा मंडल आयोजित कराता है, उनमें भी आपने अति सक्रिय होकर अध्यक्ष पद का सफलतम निर्वहन किया।

आपके दोनों बड़े भाइयों ने भी अपने क्षेत्रों में सफलता की ऊॅची पायदानों पर अपनी स्थिति मजबूत की है। वरिष्ठ भ्राता श्री सरदार सिंह पटैल भारत सरकार के गेल इंडिया लि. दिल्ली में वरिष्ठ पद पर रहे हैं। मंझले भाई प्रहलाद सिंह पटैल दमोह से सांसद हैं। नेतृत्व क्षमता के धनी जालम सिंह पटैल क्षेत्र के नागरिक, मजदूर, किसान या छात्र हों या फिर सरकारी कर्मचारी, वे समान रूप से उनके बीच लोकप्रिय हैं, सदा उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास करते हैं। उनकी समस्या का हल खोजने में भी उन्हें देशभक्ति ही नजर आती है। वह अपने गृह क्षेत्र कृषि उपज मंडी गोटेगांव में मंडी अध्यक्ष रह चुके हैं।

मंडी चुनाव में इन्होने म.प्र. में सबसे अधिक रिकार्ड वोटों से जीता था। अध्यक्ष रहते इन्होने मंडी के इतिहास में प्रथम बार अनेक कल्याणकारी योजनायें चलायी, जो कि हम्माल भाइयों, किसानों, कर्मचारियों, नाकेदारों तथा व्यापारियों को लाभदायक रही हैं। नवीन मंडी का निर्माण किया गया। तत्कालीन विधायक के विरोध के बाबजूद भी इन्होंने लगभग 1 करोड 50 लाख रूपयों के निर्माण कार्य करवाये। इलेक्ट्रानिक तौल कांटे व धर्मकांटों से तौल भी इन्ही के प्रयासों से आरंभ किये गये जिससे किसान एवं व्यापारी दोनों खुश हुये। उस समय की राज्य सरकार ने भी पटैल के कार्यों को सराहा था तथा मंडी समिति को बी-ग्रेड में तृतीय नंबर पर आय अर्जित करने के उपरांत एक शील्ड व प्रशस्ति पत्र दिया गया था।

अल्प समय में ही इन उपलब्धियों को हासिल करना निश्चित ही आपकी नेतृत्व कला, उचित प्रबंधन व कुशल राजनैतिक क्षमता की पुष्टि करते हैं। सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में सक्रियता जालम सिंह पटैल नरसिंहपुर से प्रथम बार 2003 में विधायक चुने गये। दूसरी वार 2013 में नरसिहंपुर से ही विधायक चुने गये जिसमें उन्होने 50 हजार मतों से विजयश्री प्राप्त की। जालम सिंह पटैल अत्यंत ही दयालु व परोपकारी व्यक्ति हैं तथा अध्यात्म की ओर झुकाव उन के साथ आना एक शुभ लक्षण है।

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अत्यधिक धार्मिक प्रवृति के होते हुये भी अपने कर्तव्य पथ पर बिना रुके चलने का माद्दा उनमें है। अपने परम आराध्य श्री बाबा श्री के आशीर्वाद से प्रेरित होकर इन्होंने आजीवन निर्विकार पथ पर रहने का संकल्प लिया तथा आहार, आचार विचार एवं कर्मो से सात्विक प्रवृति एवं प्रकृति उनके दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लिया। नर्मदा जी की परिक्रमा पूर्ण करके आपने युवाओं के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत कि इस परिक्रमा में धार्मिकता के अलावा रोमांच भी है तथा काफी दुरूह कार्य है।

अपनी धुन के पक्के संकल्पी एवं दृढ़ निश्चियी जालम सिंह पटैल निश्चित ही युवाओं के प्रेरणास्रोत बने रहने के लिये एक आदर्श व्यक्तित्व हैं। समय-समय पर कई धार्मिक आयोजन करवाना उनके कार्यक्रमों में शामिल रहते हैं, ताकि क्षेत्र की जनता धर्म की ओर उन्मुख होकर अन्य सांसारिक गतिविधियां जो कई बार पाप की ओर ले जाती है, उनसे बचे रहकर ध्यान धर्म करें। सामाजिक एवं विकास कार्यों से हटकर उनके व्यक्तित्व की कल्पना करना शायद संभव न होगा, क्योंकि उनका अधिकांश ध्यान व समय इन्ही कार्यों के लिये सुरक्षित है।

रात्रि का कोई सा भी प्रहर चल रहा हो नागरिकों की सहायता, सुरक्षा व विकास कार्यों हेतु वे हमेशा तत्पर रहते हैं। जालम सिंह एक विधायक के रूप में स्वास्थ्य शिवरों का आयोजन के समय-समय पर कराते रहते हैं ताकि क्षेत्र की जनता स्वास्थ्य लाभ ले सके। परम पूज्य आराध्य श्री बाबा श्री जी के आशीर्वाद से वे नेत्र शिविरों का भी सफल आयोजन विगत 19 वर्षों से अनवरत कर रहे हैं। जबलपुर के भूकंप पीडि़त या बाढ़ पीडि़त/सभी वर्गों व किसानों की सेवा करना उनका प्रथम लक्ष्य रहता है।

राहत एवं बचाव कार्यों का नेतृत्व उन्होने भलीभांति किया है, ताकि सर्वहारा वर्ग परेशान न हो। शिक्षा के क्षेत्र में भी उनकी निजी रूचि रही है। वे सरस्वती स्कूलों में सक्रियता से कार्य करते हुये छात्र/छात्राओं को बेहतर शिक्षा, खेलकूद, व सुविधायें मुहैया कराने के लिये यथा संभव प्रयास करते हैं। शराब, सट्टा, जुऑ एवं सफेद स्मैक पावडर पर पूर्व पाबंदी हेतु कई सामाजिक आंदोलनों की अगुवाई करना उनका प्रमुख कार्यक्रम, इन सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त कराने हेतु उनके प्रयासों का क्षेत्र में सराहना ही मिलती है, विशेष रूप कार्य से महिला वर्ग अत्यंत खुश व आभारी रहती है।

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राजनीतिक कर्तव्यों का कुशलतापूर्वक निर्वहन मुन्ना भैया ने सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र के साथ ही राजनैतिक पदों व कर्तव्य का भी सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। शुरुआती दौर में बजरंग दल ने उन्हे जिला संयोजक का कार्य सौंपा, तो भाजपा की जिला समिति ने उन्हें जिला कोर गु्रप का सदस्य बनाकर अतिरिक्त जिम्मेदारीरियॉ सौपी। वे हमेशा प्रमुख कार्यों को उचित प्राथमिकता देकर कार्यों का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन करते रहते है। इसलिये भी वे युवाओं के प्रेरणा स्रोत, बुजुर्गों के प्रिय बेटे तथा जनता के चहेते बने हुए हें।

अपने मझले भाई एवं प्रसिद्ध राजनेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री, दमोह सांसद प्रहलाद सिंह पटैल के पदचिन्हों पर चलते हुये वे भी उन्ही की तरह मिसाल पेश करना चाहते हैं। वे हमेशा श्री राम के अनुज लक्ष्मण की भूमिका बखूबी निभाते हैं, इसी कारण क्षेत्र में एक आदर्श भाई के रूप में उनको जाना जाता है। अन्याय, अत्याचार, एवं कांग्रेस शासन की दमनकारी नीतियों के विरूद्ध आवाज बुलंद करना तथा प्रातांत्रिक तरीकों से विरोध करना उनको राजनैतिक जीवन में जेल यात्रा का अनुभवी भी बनाता है, किन्तु इसके बाबजूद वे अपने पथ पर अडिग रहते हैं और हो भी क्यों न क्योंकि इन कार्यों हेतु उन्हे आध्यात्मिक शक्ति अपने परम आराध्य श्री बाबा श्री जी से नैतिक बल अपने पारिवारिक सदस्यों व मित्रों से तथा सहयोग व संबल अपने प्रिय जनता से निरंतर मिलता रहता है।

राजनीतिक पदों पर रहकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की लगातार सेवा की। विधायक के रूप में क्षेत्र के विकास के प्रति वह लगातार समर्पित रहे। उन्होंने नरसिंहपुर जिले को प्रदेश स्तर से ही नहीं, केंद्रीय स्तर से भी कई सौगातें लाकर दी हैं। सड़कों का मामला हो या बांधों का, वे हर स्तर पर संघर्ष करके स्वीकृति लाए और समय सीमा में कार्य पूर्ण कराने में सफल भी रहे हैं। क्षेत्र की समस्याओं को उन्होंने पार्टी स्तर पर ही नहीं, सरकार स्तर पर भी लगातार उठाया है।

विधानसभा में भी वे हर सत्र में सक्रिय रहे हैं और लगातार क्षेत्र व जनहित के मुद्दे उठाते आए हैं। समस्याओं को लेकर मुखरता के कारण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रिय भी रहे। वहीं सामाजिक जीवन में सादगी का आंकलन इसी से किया जा सकता है कि वह अपना जन्मदिन भी कुष्ठ पीडि़तों के बीच मनाते हैं। पीडि़त मानवता के प्रति इतनी संवेदना आज के दौर में अन्य नेताओं से अलग खड़ा करती है।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

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