एमएसएमई क्षेत्र को  मार्केट पर सतत् नजर रखना होगी

0
22

एसोसिएशन आॅफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश  में आज इंदौर प्रवास पर पधारें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अपर सचिव एवं विकास आयुक्त राम मोहन मिश्रा (आईएएस) ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं विभिन्न औद्योगिक संगठनों के साथ एमएसएमई सेक्टर के विकास एवं उन्नयन पर चर्चा की।

मिश्रा ने कहा कि इस क्षेत्र के उन्नयन हेतु हमें संकल्प लेना होगा तभी हम अपने कार्य में सफल होंगे  केवल उद्योग लगाने मात्र से कार्यपूर्ति नही होगी। अपने उत्पादों के विपणन के लिए मार्केट पर नजर रखना होगी । उन्होंने  कहा कि जिस प्रकार सीसीटीवी  केमेरे हर आने जाने वाले पर नजर रखता है वैसे ही अपने उत्पादों की मार्केटिंग के लिए फोकस करे। आपने बताया कि मंत्रालय द्वारा इस क्षेत्र के ओर अधिक विकास हेतु वैष्विक स्तर पर अवसर बढाने का प्रयास किया जा रहा है तथा मंत्रालय द्वारा इंटरप्राईज डेवलपमेंट संेंटर (ईडीपी) स्थापित कर एमएसएमई सेक्टर को एज्युकेट किये जाने का प्रयास हो रहा है। मेक इन इंडिया एवं ईज आॅफ डुईग बिजनेस की सफलता के लिए मिनिस्ट्री को रिस्ट्रक्चर किया जा रहा है।

aimp के अध्यक्ष आलोक दवे ने कहा कि वर्तमान में फार्मा उद्योगों के समक्ष दवाईयों के विभिन्न टेंडर प्रक्रियाओं में माल की सप्लाई के मामलों में कई समस्याएं आ रही है, जिसमें टर्न ओव्हर की शर्तो को पूर्ण नही करने के कारण देश  के एमएसएमई सेक्टर को विभिन्न प्रदेश के टेंडरों में अवसर नही दिया जाता है जबकि फार्मा इंडस्ट्रीज पहले से ही नियमित उद्योगो की श्रेणी में है व खाद्य एवं औषधि प्रशा सन के नियंत्रण एवं सख्त मापदंडों के साथ काम करती है। दवे ने  निवेदन किया है कि फार्मा उद्योगांे के जीवन के लिए उचित कार्यवाही की जावे। विकास आयुक्त ने इस संबंध मे एक प्रतिनिधिमंडल को मंत्रालय में विस्तृत चर्चा हेतु आमंत्रित किया है।

एसोसिएशन ने  एक प्रतिवेदन दिया, जिसमें क्रेडिट की कमी, सिंगड विंडो सिस्टम के क्रियान्वयन, मंत्रालय की बंद पडी योजनाओ जैसे बार कोड, प्राॅडक्ट एवं क्वालिटी सर्टिफिकेशन को पुनः आरंभ करने, सब्सिडी सीमा बढाने, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड योजना आरंभ करने, स्टार्टअप ट्रेनिंग सुविधाएं बढाने, प्रत्यक्ष कर प्रणाली को सरल बनाने,  विपणन प्रणाली को प्रोत्साहित करने, एमएसएमई को मल्टीनेषनल कंपनीयों के साथ प्रतिस्पर्धि बनाने हेतु विषेश नीति आदि की मांग की गई।

विनय कालानी ने एमएसएमई टूल रूम की दरों को लघु एवं बडे उद्योगांे के लिए अलग अलग करने का निवेदन किया। रोलिंग मिल एसोसिएषन के श्री सतीष मित्तल ने टूूल रूम की व्यवस्थाआंे में सुदृढता लाने की मांग की वही श्री कैलाष जिंदल ने एमएसएमई एक्ट 2006 को ओर अधिक स्ट्रांग किये जाने का अनुरोध किया।

बैठक में एसोसिएषन के मानद सचिव  योगेष मेहता, सह सचिव तरूण व्यास, कार्यकारिणी सदस्य अनील पालीवाल,  हिमांषु शाह,  ईष्वर बाहेती,  अनील जोशी,  विजय गोयल,  दिलीप देव, विनय कालानी, श्रीमती पल्लवी व्यास,  अनिल खारिया, लघु उद्योग भारती के  महेश  गुप्ता, विनित जैन, पीथमपुर औद्योगिक संगठन के  दर्शन कटारियां, फार्मा एसोसिएशन के  अमित चावला, डॅा जे के सराफ सहित एमएसएमई टूल रूम के एम डी  एच. डी. कापसे एवं जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक  संतोष त्रिवेदी, एमएसएमई विकास संस्थान के प्रभारी निदेशक  एस बाबूजी, सहायक निदेशक  विजय गर्गे एवं फूलसिंह आदि उपस्थित हुए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here