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हर हँसी के पीछे गम छुपा हुआ है | Mr. Dinesh Bhatt at MP Hindi Sahitya Sammelan Indore

Posted on: 05 May 2019 14:07 by Mohit Devkar
हर हँसी के पीछे गम छुपा हुआ है | Mr. Dinesh Bhatt at MP Hindi Sahitya Sammelan Indore

हर हँसी के पीछे एक गम छुपा होता है और हर गम के पीछे एक हँसी। कहानी जब मानवीय रिश्तों में द्वंद को बताती है तो उसका कैनवास बहुत बड़ा हो जाता है। रविवार 5मई 2019 को मप्र हिंदी साहित्य सम्मेलन इंदौर द्वारा वरिष्ठ कहानीकार श्री दिनेश भट्ट जी के कहानी पाठ के आयोजन पर यह बात कहानीकार आनंद व्यास ने कही। इस अवसर पर दिनेश भट्ट जी ने काले धुंए की गिरफ्त में और अंतिम बूढ़े का लाफ्टर डे कहानियों का पाठ किया।


वरिष्ठ साहित्यकार श्री पुरुषोत्तम दुबे ने वैचारिक स्तर पर गढी हुई इन कहानियों की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए गैस त्रासदी की विभीषिका के विश्लेषण से एक बार फिर सिहर जाने की बात कही।
वरिष्ठ विचारक सुरेश उपाध्याय जी ने गैस त्रासदी को कांड कहे जाने को अधिक उपयुक्त बताया। कहानी पर चर्चा करते हुए आपने इस वीभत्स घटना के नये आयाम सामने आने और उस समय के सौहार्द्र और आज के समय में लोगों के बीच उत्पन्न खाइयों को इंगित किया।


कहानीकार सीमा व्यास ने इन्हें पाठकों को बांधे रखने वाली रोचक कहानी बताया।
वरिष्ठ कवि प्रकाश सोहनी ने कहा कि वातावरण में मौजूद काला धुंआ मन में प्रवेश कर उसे भी काला करता है। कहानी का शीर्षक एक विशाल रूपक गढता है। दूसरी कहानी बताती है कि ऊपर से चाहे रिश्ते मर जायें लेकिन मन की तलहटी में वे जिंदा रहते हैं।
वरिष्ठ कहानीकार श्री सत्यनारायण पटेल ने इन कहानियों की सराहना करते हुए कहा कि कहानियों के पात्र चरित्र और काम के द्वारा स्थापित किये जाने चाहिए।
गजलकार प्रदीप कांत ने कहा कि दोनों ही कहानियाँ इंसानियत का फर्ज़ पूरा करने की बात करती हैं। कहानियाँ रोचक हैं और अंत में बड़ा रूपक रचती हैं।
कविता वर्मा ने कहा कि इन कहानियों की कई पर्तें हैं जो इस पाठ से खुलती हैं। भौतिक रूप से विकास कर चुके व्यक्ति संवेदना के स्तर पर शून्य होते जा रहे हैं। त्रासदी उनमें अपने पराये का भेद मिटाती है तो आरामदायक जीवन किसी के दुख दर्द को अपनाने से इंकार कर देता है। ये कहानियाँ सोचने पर मजबूर करती हैं कि कभी अनायास आने वाली हँसी आज हमसे छिन गई है और इसके लिए लाफ्टर क्लब जैसी कृत्रिम चीजों के सहारे हमें अपने दुखों से निजात पाने की कोशिश करना पड रही है।
कार्यक्रम में पूजा पटेल अर्जुन राठौर जी भी मौजूद थे।

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